
कश्मीर: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में शनिवार को पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और हड़ताल हुई. जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के आह्वान पर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर ज्यादती का आरोप लगाया. भीड़ ने गिरफ्तार नेताओं की रिहाई, रेंजर्स की वापसी तथा इंटरनेट सेवाएं बहाल करने की मांग की. रावलाकोट, मुजफ्फराबाद और कई अन्य शहरों में बाजार बंद रहे और लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने ‘ये वतन हमारा है’ जैसे नारे लगाए.
जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) ने पूरे क्षेत्र में प्रदर्शन और हड़ताल शुरू की है. इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे भी रैलियों में शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने सेना पर अत्याचार का आरोप लगाया है और कई मांगे रखी हैं, जिनमें – नेताओं को तुरंत रिहा किया जाना, सुरक्षा बलों को वापस बुलाया जाना और इंटरनेट सेवाएं बहाल की जाना शामिल है.
रावलाकोट और PoK के कई अन्य इलाकों में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए, जिन्होंने पाकिस्तानी फौज के खिलाफ नारे लगाए. दुकानों पर शटर डाउन रहे और वाहनों की आवाजाही भी बंद रही. कई जगहों से काफिले निकालकर लोग प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे. मुजफ्फराबाद में सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. पुलिस और रेंजर्स ने मुख्य चौराहों, प्रवेश द्वारों और संवेदनशील जगहों पर भारी तैनाती की है.
JAAC ने इसे ऐतिहासिक आंदोलन बताया है. नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो लोकतांत्रिक तरीके से और तेज आंदोलन किया जाएगा. PoK में चल रहा आंदोलन यहां के हालात दिखाता है. लोग लंबे समय से सैन्य दबाव, गिरफ्तारियों और इंटरनेट बंदी से परेशान बताए जा रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकार मांग रहे हैं. पाकिस्तान सरकार पर अब दबाव बढ़ गया है.
प्रदर्शन के दौरान कश्मीरी महिलाएं भी सड़कों पर उतरीं. उन्होंने अपने अधिकारों की मांग की और क्षेत्र में हो रहे अत्याचारों का विरोध किया. महिलाओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा. JAAC के कोर सदस्य उमर नजीर कश्मीरी ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल आपको भड़काने की कोशिश करेंगे, लेकिन आप हर हाल में शांत रहें. सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं. हालांकि अबिद शाहीन ने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की.
प्रदर्शनकारियों ने इंटरनेट सेवाएं तुरंत बहाल करने की मांग की. उन्होंने कहा कि इंटरनेट बंद होने से फ्रीलांसर, ऑनलाइन टीचर्स, छात्र और ई-कॉमर्स से जुड़े लोग बहुत परेशान हैं. विदेश में रह रहे कश्मीरियों से संपर्क भी टूट गया है. उधर अवामी एक्शन कमिटी ने विदेश में रह रहे कश्मीरियों से समर्थन जताने को कहा है. लंदन में मार्च निकाला जाएगा और पाकिस्तानी दूतावासों के बाहर प्रदर्शन होंगे. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) ने भी लंदन प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की है.
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