
डेस्क। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ते जा रहे हैं, ऐसे में संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता सरदार अमन खान ने भारत से मानवीय सहायता की अपील करते हुए दावा किया है कि पाकिस्तान की दमनकारी कार्रवाई ने इस क्षेत्र को एक गंभीर संकट में धकेल दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। हालांकि, इंडिया टीवी वायरल वीडियों की पुष्टि नहीं करता है। इस वीडियो में अमन खान ने कहा कि पीओके में लोग भोजन और आवश्यक आपूर्ति की कमी के कारण संघर्ष कर रहे हैं, और उन्होंने नई दिल्ली से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। हमें भारत की मदद चाहिए। राशन की कमी है। हमें आपके मदद की जरूरत है।’
रावलकोट के ईदगाह मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए खान ने नियंत्रण रेखा (LoC) को खोलने की मांग की और कहा कि अगर स्थिति बिगड़ती है तो नागरिकों के पास भारत में प्रवेश करने का विकल्प होना चाहिए। उन्होंने भीड़ से पूछा कि क्या उन्हें एलओसी की ओर मार्च करना चाहिए, जिस पर लोगों ने बार-बार जवाब दिया, ‘उसकी ओर बढ़ो।’
सरदार अमन खान ने पुंछ और डोडा सेक्टरों में नियंत्रण रेखा खोलने की भी अपील की, उनका तर्क था कि पाकिस्तान की कार्रवाइयों ने आम नागरिकों का जीवन और भी कठिन बना दिया है। उन्होंने अधिकारियों को बल प्रयोग न करने की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लोगों की मांगों का जवाब गोलियों से दिया गया, तो हमारे पास अन्य रास्ते भी हैं। एक दिन बाद जारी एक अलग वीडियो संदेश में खान ने श्रीनगर, बारामूला, पुंछ, राजौरी, जम्मू, लद्दाख, कारगिल और गिलगित-बाल्टिस्तान सहित पूरे जम्मू और कश्मीर क्षेत्र के लोगों से अपनी अपील का विस्तार किया।
प्रदर्शन के 26वें दिन, प्रोटेस्ट के मुख्य लीडर्स में से एक सरदार अमन खान ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पार के लोगों और इंडिया से मदद की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने पिछले तीन हफ्तों से पाकिस्तान के कब्ज वाले जम्मू-कश्मीर में खाने और दवा की सप्लाई रोक दी है, जिससे गंभीर मानवीय संकट पैदा हो गया है।
यह अपील ऐसे समय में आई है, जब पूरे कश्मीर में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। शुरुआत में आर्थिक मुद्दों और शासन व्यवस्था पर केंद्रित प्रदर्शनों ने अब एक मजबूत राजनीतिक रंग ले लिया है। पिछले सप्ताह आयोजित एक बड़ी रैली में प्रदर्शनकारियों ने ‘कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है’ और ‘हमें आजादी चाहिए’ जैसे नारे लगाए, जो इस क्षेत्र पर इस्लामाबाद के नियंत्रण के खिलाफ बढ़ते गुस्से को दर्शाते हैं।
हाल के हफ्तों में प्रदर्शनकारियों पर लगाए गए प्रतिबंधों, सुरक्षा अभियानों और गिरफ्तारियों की खबरों के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा 5 जून को संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी पर प्रतिबंध लगाने और इस जमीनी संगठन को ‘आतंकवादी’ समूह घोषित करने के बाद अशांति और बढ़ गई।
इसके बाद सुरक्षा बलों ने कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों पर व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है, एक ऐसा कदम जिसके बारे में आलोचकों का कहना है कि इसने स्थिति को नियंत्रण में लाने के बजाय जनता के गुस्से को और भड़का दिया है। जानकारों के अनुसार, इस संकट ने पीओके के लोगों और क्षेत्र के राजनीतिक प्रशासन के बीच बढ़ती खाई को उजागर कर दिया है, जिस पर लंबे समय से इस्लामाबाद के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया जाता रहा है।
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