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गुरुग्राम एनकाउंटर: चार आरोपियों की मौत के बाद उठे सवाल, नाबालिग खिलाड़ी के परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर जताई आपत्ति

July 11, 2026

नई दिल्ली। गुरुग्राम के साउथ सिटी-1 क्षेत्र (South City-1 area) में हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद मामला अब नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। एनकाउंटर में मारे गए चार लोगों में शामिल 17 वर्षीय आर्यन (Aryan)  के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि आर्यन का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और यदि पुलिस चाहती तो उसे जीवित पकड़ने की कोशिश की जा सकती थी।

आर्यन के पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके बेटे को अपराधी नहीं, बल्कि गलत संगत का शिकार मानकर कार्रवाई की जानी चाहिए थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उसे जानलेवा गोली मारने के बजाय किसी गैर-घातक तरीके से काबू नहीं किया जा सकता था।


  • जेवलिन खिलाड़ी और 12वीं का छात्र था आर्यन

    परिजनों के अनुसार, आर्यन 12वीं कक्षा का छात्र था और जेवलिन थ्रो में उभरता खिलाड़ी था। उनका कहना है कि वह दो दिन पहले बाइक ठीक कराने के बहाने घर से निकला था और उसके बाद वापस नहीं लौटा।

    परिवार का आरोप है कि 22 वर्षीय नितिन नामक युवक उसे अपने साथ ले गया था। नितिन पर पहले से आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप बताए जा रहे हैं।

    पुलिस जांच में क्या सामने आया?

    पुलिस के अनुसार, रोहतक निवासी नितिन ने दो नाबालिगों को अपने साथ जोड़ा और बाद में उन्हें अन्य आरोपियों के संपर्क में लाया। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसके बाद सभी गुरुग्राम पहुंचे, जहां कथित रूप से एक संगठित आपराधिक साजिश को अंजाम देने की तैयारी की जा रही थी।

    मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

    रंगदारी की साजिश का दावा

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले के तार विदेश में बैठे कथित गैंगस्टर दीपक नांदल से जुड़े होने की आशंका है। आरोप है कि व्यापारी विशाल बेरी से करीब 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी जा रही थी और रकम नहीं मिलने पर उनके घर पर फायरिंग की योजना बनाई गई थी।

    जांच में यह भी सामने आया है कि इस कथित साजिश को अंजाम देने की जिम्मेदारी संदीप उर्फ दीपा को सौंपी गई थी, जिसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं।

    एनकाउंटर पर उठे सवाल

    इस घटना के बाद एक बार फिर पुलिस मुठभेड़ों को लेकर बहस तेज हो गई है। जहां पुलिस का कहना है कि उसने आत्मरक्षा और कानून के तहत कार्रवाई की, वहीं मृतक नाबालिग के परिजन निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

    फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की जांच जारी होने की बात कही है। वहीं, मुठभेड़ की परिस्थितियों और पुलिस कार्रवाई को लेकर सामने आए सवालों की आधिकारिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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