
नई दिल्ली । इंग्लैंड (England) के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली करारी हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) अब तीन मैचों की वनडे सीरीज (ODI Series) में नई शुरुआत करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। एजबेस्टन (Edgbaston) में खेले जाने वाले पहले मुकाबले में टीम प्रबंधन की कोशिश संतुलित प्लेइंग इलेवन उतारने की होगी, ताकि वनडे प्रारूप में जीत के साथ आत्मविश्वास भी वापस हासिल किया जा सके। अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) की वापसी से बल्लेबाजी क्रम को मजबूती मिली है, लेकिन अंतिम एकादश को लेकर कुछ महत्वपूर्ण फैसले अब भी बाकी हैं।
भारतीय बल्लेबाजी क्रम लगभग तय माना जा रहा है। रोहित शर्मा और कप्तान शुभमन गिल पारी की शुरुआत कर सकते हैं, जबकि तीसरे स्थान पर विराट कोहली का उतरना लगभग निश्चित है। उनके आने से ईशान किशन के लिए अंतिम एकादश में जगह बनाना मुश्किल दिखाई दे रहा है। मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर और विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल टीम की जिम्मेदारी संभालेंगे। दोनों बल्लेबाज पिछले कुछ वर्षों में वनडे क्रिकेट में भारत के भरोसेमंद खिलाड़ियों के रूप में खुद को स्थापित कर चुके हैं।
ऑलराउंड विकल्प के रूप में अक्षर पटेल की भूमिका भी अहम रहने वाली है। टीम की जरूरत के अनुसार उन्हें बल्लेबाजी क्रम में ऊपर या नीचे भेजा जा सकता है। बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के कारण वह बल्लेबाजी में संतुलन भी प्रदान करते हैं और स्पिन गेंदबाजी से अतिरिक्त विकल्प भी उपलब्ध कराते हैं। यही कारण है कि टीम संयोजन में उनकी उपयोगिता पहले मुकाबले में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
गेंदबाजी विभाग में सबसे बड़ी राहत जसप्रीत बुमराह की वापसी है। लंबे अंतराल के बाद वह वनडे टीम का हिस्सा बन रहे हैं और इंग्लैंड की परिस्थितियों में उनका अनुभव भारत के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकता है। उनके साथ अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। नई गेंद से विकेट निकालने और डेथ ओवरों में रन रोकने की जिम्मेदारी इसी तिकड़ी पर रहेगी।
हालांकि सबसे बड़ी चर्चा स्पिन विभाग को लेकर है। कुलदीप यादव पिछले कुछ समय से मध्य ओवरों में लगातार विकेट निकालने वाले गेंदबाज रहे हैं। उनकी कलाई की स्पिन किसी भी बल्लेबाजी क्रम को परेशान करने की क्षमता रखती है। दूसरी ओर वॉशिंगटन सुंदर बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान देकर टीम को अतिरिक्त संतुलन प्रदान करते हैं। यही वजह है कि टीम प्रबंधन के सामने दोनों खिलाड़ियों में से किसी एक को चुनने की चुनौती बनी हुई है।
हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी की अनुपस्थिति में शिवम दुबे को मौका मिलना लगभग तय माना जा रहा है। वह तेज रन बनाने की क्षमता रखते हैं, लेकिन उनकी गेंदबाजी सीमित विकल्प मानी जाती है। ऐसे में यदि टीम कुलदीप यादव को भी शामिल करती है तो बल्लेबाजी की गहराई कम हो सकती है। वहीं सुंदर को मौका देने पर बल्लेबाजी मजबूत होगी, लेकिन विकेट लेने वाले विशेषज्ञ स्पिनर की कमी महसूस हो सकती है।
पहले वनडे के लिए अंतिम एकादश का चयन इसी संतुलन पर निर्भर करेगा। यदि टीम प्रबंधन बल्लेबाजी को प्राथमिकता देता है तो वॉशिंगटन सुंदर का पलड़ा भारी रह सकता है। वहीं यदि रणनीति मध्य ओवरों में लगातार विकेट हासिल करने की रहती है तो कुलदीप यादव को मौका मिल सकता है। ऐसे में एजबेस्टन में उतरने वाली भारतीय टीम केवल जीत ही नहीं, बल्कि सही टीम संयोजन की परीक्षा भी देगी।
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