
भोपाल। पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई को लेकर मंगलवार को भोपाल के नीलम पार्क में एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों से लेकर किसान, मजदूर, महिलाएं और कर्मचारी तक परेशान हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीर नहीं है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। एसयूसीआई ने इसे राज्यव्यापी विरोध दिवस बताते हुए दावा किया कि प्रदेश के अलग-अलग जिला मुख्यालयों पर भी धरने और प्रदर्शन किए गए।
पार्टी सदस्य सतीश ओझा ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, लेकिन कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि 9 साल में 89 पेपर लीक हुए हैं। परीक्षा रद्द होने और धांधली से युवाओं पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। ओझा ने कहा कि सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था तक भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं। जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी तो व्यवस्था कैसे सुधरेगी।
एसयूसीआई ने सरकार को बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है। सतीश ओझा ने कहा कि पार्टी लाखों छात्र और नौजवानों को सड़कों पर उतारने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और अन्य मांगों पर विचार नहीं हुआ तो प्रदेशभर से लोगों को भोपाल बुलाकर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
पार्टी की आरती शर्मा ने महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल-कॉलेजों के आसपास शराब दुकानें संचालित हो रही हैं और नशे का कारोबार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की बात की जा रही है, दूसरी तरफ महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रदर्शन में बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण का मुद्दा भी उठा। जिला कार्यालय सचिव विनोद लाेगारिया ने कहा कि जनता के टैक्स से तैयार संसाधनों को निजी हाथों में सौंपना गलत है। स्मार्ट मीटर लगाने और बिजली महंगी होने पर भी सवाल उठाए गए। लोगारिया ने कहा कि बढ़ती महंगाई और रोजगार संकट से आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। मौजूदा हालात में मजबूत जन आंदोलन ही रास्ता है। प्रदर्शन का संचालन जिला समिति सदस्य सतीश ओझा ने किया।
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