
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने आषाढ़ी बीज पर (On Ashadhi Beej) कच्छी समुदाय को नए साल की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं (Extended New Year Greetings and best wishes to Kutchhi Community) ।
प्रधानमंत्री ने एक पारंपरिक कच्छी कहावत भी शेयर की, जो अपनी मातृभूमि के साथ समुदाय के गहरे और अटूट बंधन को दर्शाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “कच्छ के लोगों का अपना अंदाज है। जैसे समुद्र में मछलियां होती हैं, वैसे ही जो कच्छ में रहते हैं, वे कच्छ के ही होकर रह जाते हैं।आज आषाढ़ी बीज का पर्व है, यह खास तौर पर कच्छ का ही त्योहार है। देश-दुनिया में बसे कच्छ के भाई-बहनों को ‘राम-राम’ और ‘जीजी-जीजी’ कहकर अभिवादन किया जाता है।”
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा, “कच्छ की समृद्ध धरती के मेहनती भाई-बहनों को नए साल की ढेरों शुभकामनाएं। यह नया साल आज के पवित्र त्योहार ‘आषाढ़ी बीज’ से शुरू हो रहा है, एक ऐसी जगह जहां रेगिस्तान भी कला का रूप ले लेता है और प्रकृति भी संस्कृति से ओत-प्रोत है।”
राज्य के कृषि और किसान कल्याण मंत्री जीतू वघानी ने पोस्ट किया, “यह आषाढ़ी बीज का अवसर है, जो कच्छ के लिए बहुत खास है। इस मौके पर देश और दुनिया में खुशहाली आई है और कच्छ भी जगमगा उठा है। मैं अपने प्यारे कच्छ के भाइयों और बहनों के पास बहुत खुशी और शुभकामनाओं के साथ आया हूं।”
गुजरात के परिवहन राज्य मंत्री प्रवीण गोर्धनजी माली ने लिखा, “कच्छ की शानदार परंपरा, संस्कृति और विरासत के उत्सव ‘आषाढ़ी बीज’ के शुभ अवसर पर कच्छ के सभी भाइयों और बहनों को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं। यह नया साल सभी के जीवन में खुशी, शांति, समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और सफलता के नए द्वार खोले।” भाजपा सांसद मयंक नायक ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “यह नया साल कच्छ के हर परिवार के जीवन में खुशियां, शांति और समृद्धि लाए।”
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