
पुरी. ओडिशा (Odisha) के तटीय शहर पुरी (Puri ) में गुरुवार से शुरू हो रही वार्षिक रथ यात्रा (Rath Yatra) की तैयारी पूरी हो चुकी हैं। भगवान जगन्नाथ (Lord Jagannath) और उनके भाई-बहनों के तीन शानदार रथ कड़ी सुरक्षा के बीच ग्रैंड रोड पर निकलने को तैयार हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्रीय सशस्त्र बलों की 15 कंपनियों समेत लगभग 14,000 जवानों को तैनात किया गया है।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के एक अधिकारी ने घोषणा की कि तीनों रथों (भगवान बलभद्र का तालध्वज, देवी सुभद्रा का दर्पदलन और भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष) का निर्माण और सजावट पूरी हो गई है। देवताओं से आज्ञामाला मिलने के बाद इन रथों को 12वीं सदी के इस मंदिर के सिंहद्वार तक ले जाया गया। उन्होंने बताया कि मंदिर के सामने ग्रैंड रोड पर कड़ी सुरक्षा के बीच तीनों रथ खड़े हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालु रथ खींचने की प्रक्रिया देखेंगे। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) संजय कुमार ने बताया कि आयोजन की सुरक्षा चाक-चौबंद है। एनएसजी और आरएएफ के कमांडो, सीआरपीएफ और बीएसएफ के जवानों समेत केंद्रीय सशस्त्र बलों की 15 कंपनियां (लगभग 1,500 जवान) और 13,000 पुलिसकर्मी पहले ही तैनात किए जा चुके हैं। समुद्र तट पर 500 लाइफगार्ड भी तैनात किए गए हैं।
ड्रोन से रहेगी चप्पे-चप्पे पर नजर
ओडिशा के डीजीपी वाईबी खुरानिया ने कहा कि पुरी की सालाना रथ यात्रा के लिए हर ओर से से निगरानी समेत कई स्तरों वाली सुरक्षा योजना तैयार की गई है। इस बार हमारा ध्यान भीड़ को संभालने, यातायात प्रबंधन और आपात कार्रवाई पर होगा तथा हम ड्रोन और एंटी-ड्रोन उपकरण के माध्यम से आसमान से सुरक्षा का ध्यान रखेंगे। उन्होंने बताया कि समुद्र में भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और ओडिशा समुद्री थाने की संयुक्त गश्त व्यवस्था शुरू की गई है और जहाजों पर त्वरित कार्रवाई दल तैनात किए गए हैं।
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