तेहरान/वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और सेना ने कहा है कि उन्होंने बहरीन, इराक और हिंद महासागर क्षेत्र में अमेरिकी हितों को निशाना बनाते हुए कई सैन्य अभियान चलाए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही अमेरिका या बहरीन की ओर से तत्काल आधिकारिक पुष्टि जारी की गई है।
ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, IRGC ने बहरीन में स्थित अमेरिकी सेना के मानवरहित विमान (UAV) संचालन से जुड़े एक ठिकाने पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। संगठन का दावा है कि इस कार्रवाई में अमेरिकी ड्रोन डिपो को भारी नुकसान पहुंचा।
ईरान ने यह भी दावा किया कि बहरीन के एक प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केंद्र को भी मिसाइलों और ड्रोन हमलों में निशाना बनाया गया। हालांकि इन दावों की किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।
ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने इराक के सुलेमानिया क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और कुर्द लड़ाकू समूहों से जुड़े ठिकानों पर भी हवाई हमले किए। ईरान के अनुसार, यह कार्रवाई पूरी रात जारी रही।
ईरानी सैन्य अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि उत्तरी हिंद महासागर में गश्त कर रहे एक “दुश्मन के युद्धपोत” पर कई क्रूज मिसाइलें दागी गईं। ईरान का कहना है कि इस हमले के बाद संबंधित जहाज को पीछे हटना पड़ा। हालांकि जहाज की पहचान और घटना की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
ईरान के इन दावों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाई का दायरा और बढ़ता है, तो इसका असर पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
फिलहाल अमेरिका, बहरीन या अन्य संबंधित देशों की ओर से इन हमलों और कथित नुकसान को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved