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कनाडा की जंगलों की आग पर ट्रंप का गुस्सा, बोले- जहरीली हवा का नुकसान भी टैरिफ से वसूलेंगे

July 18, 2026

डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा में लगी जंगलों की आग से उठ रहे धुएं को लेकर कनाडा सरकार पर तीखा हमला बोला है. ट्रंप ने आरोप लगाया कि कनाडा अपने जंगलों की ठीक से देखभाल नहीं कर रहा है, जिसकी वजह से जहरीली और प्रदूषित हवा अमेरिका के कई हिस्सों तक पहुंच रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रदूषण से अमेरिका को होने वाले आर्थिक नुकसान को कनाडा पर लगाए गए टैरिफ में भी जोड़ा जा सकता है.

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि अमेरिका “गंदी, प्रदूषित और अस्वास्थ्यकर हवा” से प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि कनाडा अपने जंगलों और उनमें मौजूद सूखी झाड़ियों की सही तरीके से सफाई और देखभाल नहीं कर रहा, जिससे हर साल ऐसी स्थिति पैदा हो रही है.

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस मामले के लिए कनाडा को जिम्मेदार मानता है. उनके मुताबिक, इस प्रदूषण से होने वाले नुकसान का सही आकलन करना मुश्किल है, लेकिन इसकी कीमत कनाडा को चुकानी होगी. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वह जल्द ही कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से बात करेंगे और प्रदूषण से हुए नुकसान को कनाडा पर पहले से लगाए गए टैरिफ में जोड़ने की मांग करेंगे.


  • कनाडा और उत्तरी मिनेसोटा में लगी जंगलों की आग का धुआं अमेरिका के मिडवेस्ट और उत्तर-पूर्वी राज्यों तक पहुंच गया है. इसके चलते कई राज्यों में एयर क्वालिटी अलर्ट जारी किया गया है. डेट्रॉइट, शिकागो और वॉशिंगटन जैसे शहरों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई. एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग संस्था IQAir के मुताबिक, डेट्रॉइट दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया.

    धुएं के कारण रविवार को न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के खुले स्टेडियम में होने वाले वर्ल्ड कप फाइनल को लेकर भी चिंता बढ़ गई है. अधिकारियों का कहना है कि वे लगातार मौसम और हवा की गुणवत्ता पर नजर बनाए हुए हैं. मौसम विभाग के अनुसार, हवा की दिशा बदलने के साथ धुएं का असर भी बदल सकता है.

    स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, कनाडा के ओंटारियो समेत कई इलाकों में 200 से अधिक जंगलों में आग बेकाबू है. कई समुदायों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है. हालांकि, ओंटारियो में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों की आग से निकलने वाले धुएं में मौजूद महीन कण सांस लेने में दिक्कत पैदा कर सकते हैं और बुजुर्गों, बच्चों तथा पहले से बीमार लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि बढ़ता तापमान और सूखा जैसे जलवायु परिवर्तन से जुड़े कारणों की वजह से दुनिया में जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं.

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