
नई दिल्ली । उद्धव ठाकरे और अरविंद केजरीवाल (Uddhav Thackeray and Arvind Kejriwal) ने सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को समर्थन दिया (Extended their support to CJP’s Protest) ।
बुधवार को प्रेस वार्ता के दौरान शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दिल्ली पुलिस की ओर से छात्रों पर बल प्रयोग की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि सरकार शुरुआत में अगर बातचीत का रास्ता निकालती तो मामला इतना आगे नहीं बढ़ता। उद्धव ठाकरे ने कहा, “महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार बिल्कुल मंजूर नहीं है। बच्चे किसी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं तो इसमें क्या बुराई है? यह उनके भविष्य का मामला है। एक व्यक्ति या बच्चों का भविष्य, आपको चुनना है।” उन्होंने पूर्व के धरना प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए कहा कि इंदिरा गांधी के समय में सोनम वांगचुक के पिता भी अनशन पर थे, तब इंदिरा गांधी ने उनसे बात की थी। इसी तरह अन्ना हजारे के आंदोलन के दौरान कांग्रेस सरकार ने बातचीत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रजातंत्र में बातचीत जरूरी है। अगर बातचीत नहीं होती तो वह प्रजातंत्र नहीं कहलाता।
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने उद्धव ठाकरे से मुलाकात की और काफी देर तक बहुत अच्छी बातचीत हुई। हमने देश के मौजूदा हालात और कई मुद्दों पर चर्चा की। खासकर, हमने देशभर में चल रहे युवा आंदोलन के बारे में विस्तार से बात की। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहा विरोध प्रदर्शन युवाओं के गुस्से, निराशा को दिखाता है। मैं कल दिन में जंतर-मंतर गया था और उद्धव ठाकरे कल रात वहां गए थे। हम दोनों ने लोगों से मुलाकात की और विरोध प्रदर्शन कर रहे नेताओं से बातचीत की।
केजरीवाल ने कहा कि सरकार से हमारी अपील है कि ये हमारे देश के बच्चे हैं और देश का भविष्य हैं। हम सरकार को बताना चाहते हैं कि प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, मूल्यांकन प्रणालियां विफल हो रही हैं और शिक्षा व परीक्षा प्रणाली के भीतर बड़े रैकेट काम कर रहे हैं। इसे ठीक करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए, परीक्षा प्रणाली को ठीक किया जाना चाहिए। हम इस आंदोलन का पूरा समर्थन करते हैं। सरकार को चाहिए कि वे छात्रों से बात करें और बेहतर समाधान निकालें।
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