
नई दिल्ली. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा (JP Nadda) और जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) के साथ मुलाकात (meeting) के बाद अपना अनशन तोड़ दिया है. सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के समर्थन में 28 जून से अनशन पर थे.
सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ बैठक के बाद अपना अनशन खत्म कर दिया है.
सोनम वांगचुक ने दी जानकारी
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ‘अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह व लेह-लद्दाख की ‘एपेक्स बॉडी’ के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने 26 दिनों के बाद अपना अनशन समाप्त किया.’
Just now in the presence of Union Ministers Sh. JP Nadda, Dr. Jitendra Singh and the senior leaders of Apex Body of Leh Ladakh I finally broke my fast after 26 days. Earlier 65 members of parliament from different political parties had visited or signed letters urging me to break… pic.twitter.com/RFCet7Oksy
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 23, 2026
वागंचुक ने आगे बताया कि इससे पहले, अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया था. यह कदम विभिन्न शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है. मैं बहुत जल्द एक अलग वीडियो में इन शर्तों के बारे में विस्तार से बताऊंगा. इस बीच, मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि कहीं भी किसी भी तरह की हिंसा न होने देने को लेकर बहुत सतर्क रहें.
इस बीच, PM मोदी ने एक्स पर कहा कि मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं की वो डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वजन फिर से प्राप्त करें.
बता दें, सोनम वांगचुक को पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किया गया था. वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने कोर्ट से मांग की थी कि वांगचुक को इलाज के लिए मेदांता भेजा जाए. दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की लगातार निगरानी जरूरी है.
वहीं अब जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मेदांता अस्पताल में वांगचुक से मुलाकात की, जहां अनशन के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मेडिकल निगरानी के लिए भर्ती कराया गया था.
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