
नई दिल्ली ।फिरोजाबाद (Firozabad) के अकबरपुर गांव स्थित बाबा नीम करौली महाराज (Baba Neem Karoli Maharaj) के पैतृक घर (Ancestral House) को लेकर विवाद बढ़ गया है। उनकी छह पोतियों ने जिला प्रशासन के समक्ष शिकायत देकर एक ट्रस्ट पर पैतृक संपत्ति पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन (District Administration) ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति (Three-Member Committee) का गठन किया है।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने अपर जिलाधिकारी न्यायिक अरविंद कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में समिति बनाई है। इसमें टूंडला की उपजिलाधिकारी दिव्या सिंह और जिला पर्यटन अधिकारी विशाल श्रीवास्तव को भी शामिल किया गया है। समिति को संबंधित संपत्ति और लगाए गए आरोपों की जांच करनी है।
विवाद अकबरपुर गांव में स्थित मकान नंबर 154 और उसके आसपास बनी संरचनाओं से जुड़ा है। यही स्थान बाबा नीम करौली महाराज का जन्मस्थान बताया गया है। संत का पूर्व नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था। वर्तमान में इस स्थल को उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से पर्यटक आकर्षण के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पैतृक परिसर में संत का ध्यान कक्ष, भोजन क्षेत्र, अतिथि क्वार्टर और शयनकक्ष शामिल हैं। यह मकान डुप्लेक्स है और करीब 4000 वर्ग फुट क्षेत्रफल वाले भूखंड पर बना हुआ है।
परिवार के सूत्रों के अनुसार, विवाद 24 अगस्त को हुए एक पारिवारिक कार्यक्रम के बाद सामने आया। आरोप है कि संत के दिवंगत बेटे धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियों को घर के कमरों में ठहरने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन के सामने अपनी शिकायत रखी।
छह पोतियों सुनीता शर्मा, अर्चना शर्मा, वंदना शर्मा, भावना रावत, रितु तिवारी और ऋचा रावत ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने पैतृक निवास को ट्रस्ट के नियंत्रण से मुक्त करने की मांग की। भावना रावत के पति मनोज रावत ने बताया कि संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जांच समिति को सौंप दिए गए हैं।
श्री नीम करोली महाराज ट्रस्ट की अध्यक्ष वर्तमान में संत की बेटी गिरिजा देवी भटेले हैं। उनकी दिवंगत पत्नी रामबेटी पहले ट्रस्ट की अध्यक्ष रह चुकी थीं। पोतियों की शिकायत में ट्रस्ट के नियंत्रण को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
हालांकि, परिवार के दूसरे पक्ष से धनंजय शर्मा ने इन आरोपों से दूरी बनाई है। वह संत के दूसरे दिवंगत बेटे अनेक सिंह शर्मा के बेटे हैं। उनका कहना है कि संपत्ति बाबा नीम करौली की इच्छा के अनुसार ट्रस्ट को सौंपी गई थी। उन्होंने परिवार में चल रहे सार्वजनिक विवाद पर चिंता जताई और मामले को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने की अपील की।
वहीं, ट्रस्ट के सचिव संजय गुप्ता ने किसी भी तरह के अवैध कब्जे या ट्रस्ट के भीतर विवाद से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्हें धर्म नारायण शर्मा ने नियुक्त किया था और वह संस्था की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन की ओर से उन्हें अब तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
बाबा नीम करौली महाराज के पैतृक घर को लेकर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब उनके जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ रिलीज होने के बाद चर्चा में है। फिल्म 7 अगस्त 2026 को रिलीज हुई थी और एक महीने के भीतर दुनिया भर में 150 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर चुकी है।
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