
नई दिल्ली। दिल्ली (Delhi) के जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को लेकर पहली बार पाकिस्तान (Pakistan) की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने इस मुद्दे को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से पूछा गया कि क्या भारत सरकार द्वारा आंदोलन से निपटने का तरीका मानवाधिकारों से जुड़ा विषय है। इसके जवाब में उन्होंने कहा, “यह भारत का आंतरिक मामला है। ऐसे मामलों पर पाकिस्तान कोई टिप्पणी नहीं करता।”
पाकिस्तान का यह बयान ऐसे समय आया है जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में चल रहा आंदोलन पांचवें सप्ताह में पहुंच चुका है। प्रदर्शनकारी NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
Weekly Press Briefing by the Spokesperson @TahirAndrabi
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— Ministry of Foreign Affairs – Pakistan (@ForeignOfficePk) July 23, 2026
‘संसद चलो’ मार्च के बाद बढ़ा आंदोलन
20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जबकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बल प्रयोग किया गया।
पेपर लीक मामलों पर सरकार का सख्त रुख
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों से निपटने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ त्वरित व कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बातचीत का प्रस्ताव, तटस्थ स्थान पर अड़ा CJP
केंद्र सरकार ने आंदोलनकारियों से बातचीत की पेशकश भी दोहराई है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार, सरकार चार बार CJP को वार्ता का निमंत्रण दे चुकी है और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि, CJP ने नड्डा के आवास या कार्यालय में बैठक से इनकार करते हुए किसी तटस्थ स्थान पर वार्ता कराने की मांग रखी है।
उधर, आंदोलन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 25 दिन का अनशन समाप्त कर दिया है, जबकि आंदोलन जारी रखने को लेकर संगठन की ओर से आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है।
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