
जबलपुर। मध्य प्रदेश भाजपा अपने संगठनात्मक ढांचे को व्यापक बनाने की तैयारी में है जिसमें जबलपुर के विधायकों समेत प्रदेश भर के मंत्रियों और सांसदों को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में होने वाली पहली प्रदेश कार्यसमिति बैठक अब अगस्त में आयोजित होगी। इससे पहले पार्टी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, निगम-मंडल पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल करेगी। पार्टी का मानना है कि इससे सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा आगामी चुनावों की तैयारियों को गति मिलेगी। ओरछा में प्रस्तावित कार्यसमिति बैठक दतिया विधानसभा उपचुनाव और विधानसभा के मानसून सत्र के कारण स्थगित कर दी गई थी। अब चुनावी व्यस्तताएं समाप्त होने के बाद संगठन इसे अधिक व्यापक स्वरूप में आयोजित करने की तैयारी कर रहा है।
जबलपुर जिले के सभी प्रमुख विधायकों की यह प्रबल इच्छा है कि वे संगठन की इस महत्वपूर्ण सूची में शामिल हों। हालांकि इससे उनकी प्रशासनिक शक्ति में कोई विशेष बदलाव नहीं आएगा, लेकिन राजनीतिक दृष्टिकोण से यह उनके बढ़ते हुए कद और भविष्य की संभावनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। स्थानीय स्तर पर मान सम्मान बढऩे से राजनीतिक रसूख भी मजबूत होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए जबलपुर के विधायक लगातार पार्टी नेतृत्व के संपर्क में हैं ताकि उन्हें इस सूची में प्रमुखता से जगह मिल सके। पार्टी के भीतर यह माना जा रहा है कि स्थानीय दिग्गजों को मंच मिलने से क्षेत्रीय राजनीति में पार्टी की पकड़ और अधिक मजबूत होगी।
बूथ प्रबंधन को मजबूत करने पर फोकस
आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों को देखते हुए भाजपा संगठन अब अपने सभी प्रभावशाली नेताओं और जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना चाहती है। पार्टी नेतृत्व का यह स्पष्ट मानना है कि चुनावी सफलता की सबसे मजबूत नींव बूथ स्तर का संगठन ही होती है। इसी मुख्य कारण के चलते बैठक में बूथ प्रबंधन, पन्ना प्रमुख व्यवस्था, सक्रिय कार्यकर्ता नेटवर्क और जनसंपर्क अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। नई कार्यसमिति में लगभग 35 महिला नेताओं को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है जिससे चुनावी मैदान में पार्टी का सामाजिक संतुलन और अधिक दुरुस्त नजर आएगा।
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