
स्थानीय वाहनों को राहत पर बनी सहमति, लिखित आदेश का इंतजार
इन्दौर। इंदौर-अहमदाबाद (Indore-Ahmedabad) राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित मैठवाड़ा टोल (Maithwada Toll) प्लाजा पर रविवार को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन (Demonstration) और चक्काजाम (Road blockade) फिलहाल टल गया। किसानों, करणी सेना, प्रशासन, पुलिस और टोल कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच करीब दो घंटे चली बैठक के बाद आंदोलन स्थगित करने पर सहमति बनी।
बैठक में स्थानीय वाहनों को पहले की तरह टोल शुल्क से राहत देने पर सहमति बनी। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है। सरपंच महेशसिंह हाड़ा ने बताया कि टोल प्लाजा से 10 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले वाहन मालिक अपने वाहन की आरसी और आधार कार्ड अथवा अन्य वैध पहचान पत्र दिखाकर बिना टोल शुल्क के आवागमन कर सकेंगे। वहीं करणी सेना के पदाधिकारियों के वाहनों को नंबर प्लेट के आधार पर छूट देने पर भी सहमति बनी है। इसके अलावा दूध एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी राहत देने की मांग रखी गई है। हालांकि प्रशासन और टोल प्रबंधन ने इस व्यवस्था की औपचारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन प्रस्तावित चक्काजाम स्थगित होने से इंदौर-अहमदाबाद मार्ग पर यातायात सामान्य बना रहा और यात्रियों को संभावित परेशानी से राहत मिली।
महंगा टोल, बदहाल सड़क पर बरकरार नाराजगी
मैठवाड़ा टोल प्लाजा लंबे समय से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के विरोध का केंद्र रहा है। लोगों का कहना है कि प्रदेश के महंगे टोल मार्गों में शामिल इस हाईवे पर बिना फास्टैग कार चालकों को 340 रुपए तक टोल देना पड़ता है, जबकि सड़क की हालत कई स्थानों पर खराब बनी हुई है। जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी सड़क के कारण हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि सड़क की गुणवत्ता में तत्काल सुधार किया जाए, नियमित मरम्मत कराई जाए और टोल शुल्क का पुनर्मूल्यांकन किया जाए
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