
नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) के पूर्व मुख्यमंत्री (Former Chief Minister) और आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने E20 पेट्रोल के खिलाफ अपनी मुहीम तेज कर दी है. केजरीवाल ने बीते कल यानी 1 अगस्त को ‘कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया’ में ‘E20 के खिलाफ ‘नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट ई20’ कार्यक्रम आयोजित किया था. इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की ई20 पॉलिसी को लेकर तमाम आरोप लगाए और कहा कि, E20 से गाड़ियों का न केवल माइलेज कम हो रहा है बल्कि उनके पार्ट्स भी खराब हो रहे हैं.
E20 पर सरकार को जमकर घेरने के साथ ही अरविंद केजरीवाल ने एक मोटर मैकेनिक (अमीर खान) को भी मंच पर बुलाया. जिसके इथेनॉल ब्लेंडेड E20 फ्यूल से गाड़ियों को होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बताया. अमीर ने कहा कि, उत्तरी-पश्चिमी दिल्ली के भलस्वा डेरी के पास उनकी मैकेनिक की शॉप है और वो पिछले 12-13 सालों से वो पेट्रोल टू-व्हीलर गाड़ियों की मरम्मत कर रहे हैं.
अमीर ने बताया कि, इथेनॉल ब्लेंडेड E20 पेट्रोल के चलते पुरानी BS4 गाड़ियों के अंदर सबसे ज्यादा दिक्कत आ रही है. उन्होंने एक पुरानी (BS3 और BS4) गाड़ी में लगने वाले कार्बोरेटर (Carburetor) दिखाते हुए समझाया कि, इस कार्बोरेटर के नीचे लगे हुए कैप में पेट्रोल रिजर्व के लिए इकट्ठा रहता है. अगर आपने अपनी गाड़ी महीने दिन खड़ी कर दी तो पेट्रोल इसी कैप में जमा रहेगा और ब्लेंडेड पेट्रोल में मिला हुआ एक मीठा पदार्थ, काई और गाज जम जाएगी. जिसके चलते गाड़ी चलना बंद हो जाएगी. पहले ये समस्या नहीं आती थी, लेकिन अब बहुत ज्यादा आ रही हैं.
BS6 गाड़ियों में भी समस्या
अमीर ने आगे BS6 में इस्तेमाल होने वाले एक फ्यूल पंप (BS6 Fuel Pump) को दिखाते हुए कहा कि, “आज के समय में जो E20 कम्प्लायंट बीएस6 गाड़ियां आ रही हैं, उनमें भी दिक्कते देखने को मिल रही हैं. E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद इन गाड़ियों के पिक-अप और माइलेज में भारी गिरावट आ रही है. चलते-चलते गाड़ी रास्ते में ही बंद हो जाती है.”
फ्यूल पंप को दिखाते हुए अमीर ने कहा कि, इसके अंदर एक फिल्टर लगा होता है. तो E20 पेट्रोल की वजह से ये फिल्टर बहुत जल्द चोक हो जाता है. जिससे गाड़ियों के मरम्मत का खर्च (Maintenance Cost) और सर्विस का खर्च बढ़ रहा है.
सरकार ने भी माना
बीते कुछ दिनों में कई पुराने वाहन मालिकों ने वाहनों के माइलेज कम होने और मेंटनेंस कॉस्ट बढ़ने की शिकायत की है. यहां तक सरकार ने भी अब संसद में इस बात को स्वीकार कर लिया है कि, E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर गाड़ियों की फ्यूल एफिशिएंसी यानी माइलेज 2% से 6% तक कम हो सकता है. इसके अलावा सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि, 2005 से 2016 के बीच बने BS-III वाहनों में रबर पाइप, सील और गास्केट जैसे पार्ट्स पर E20 पेट्रोल का असर पड़ सकता है.
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