
डेस्क: अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच तेज कर दी है. CID ने सोमवार (3 अगस्त) को राज्य के पांच जिलों में एक साथ 18 स्थानों पर छापेमारी की. इस दैरान कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद बरामद किए गए.
जानकारी के मुताबिक CID ने राजधानी रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद में छापेमारी. एजेंसी नेलैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, अभ्यर्थियों की OMR शीट की कार्बन कॉपी, एडमिट कार्ड, मार्कशीट सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं.
CID के अनुसार, यह कार्रवाई JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच के तहत की गई. एजेंसी ने बताया कि बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क और कथित गड़बड़ियों की परतें खोली जा सकें.
वहीं जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है. CID का कहना है कि इस मामले के आरोपी अभय तिवारी पिछले 13 सालों में कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए थे. इनमें साल 2018 की पुलिस अवर निरीक्षक परीक्षा, 2013 की नेवी SSR भर्ती, 2014 की BARC सहायक परीक्षा, IRB कांस्टेबल भर्ती, CRPF हेड कांस्टेबल परीक्षा, NCL भर्ती परीक्षा, JSSC की PGT शिक्षक और CGL परीक्षाएं, JPSC की ACF, FRO और FSO परीक्षाएं एवं 11वीं से 13वीं झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षाएं शामिल हैं.
CID अब इन सभी परीक्षाओं में उनकी अभ्यर्थिता और चयन प्रक्रिया का सत्यापन करेगी. इसी उद्देश्य से CID ने संबंधित भर्ती एवं परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों को पत्र लिखकर अभ्यर्थिता से जुड़े रिकॉर्ड, आवेदन पत्र, मूल्यांकन अभिलेख, चयन प्रक्रिया का विवरण और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि जांच को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके.
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव लगातार बढ़ रहा है.
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