
डेस्क। श्रीलंकाई जलक्षेत्र में 11 भारतीय मछुआरों को लेकर जा रहा एक भारतीय मछली पकड़ने वाला ट्रॉलर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसके बाद श्रीलंका नौसेना ने बचाव अभियान शुरू कर दिया। गुरुवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, ट्रॉलर कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) पार कर श्रीलंकाई जलक्षेत्र में प्रवेश कर गया था और वहां बॉटम ट्रॉलिंग कर रहा था। इसी दौरान वह डेल्फ्ट द्वीप (नेदुन्थीवु) के पास समुद्री चट्टान से टकराकर फंस गया।
यह दुर्घटना श्रीलंका के उत्तरी तट से दूर पाल्क जलडमरूमध्य में स्थित डेल्फ्ट द्वीप (नेदुन्थीवु) के निकट समुद्री चट्टानों पर हुई। श्रीलंका नौसेना के मीडिया प्रवक्ता कमांडर चमिंदा वालाकुलुगे ने दावा किया कि भारतीय ट्रॉलर श्रीलंकाई जलक्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ रहा था। बुधवार को हुए इस हादसे के समय ट्रॉलर पर कुल 11 लोग सवार थे।
श्रीलंका नौसेना के बयान के मुताबिक, समुद्री चट्टान से टकराने के कारण ट्रॉलर के ढांचे को आंशिक नुकसान पहुंचा है। हालांकि स्थिति गंभीर नहीं है और ट्रॉलर पर सवार किसी भी मछुआरे की जान को तत्काल कोई खतरा नहीं बताया गया है।
नौसेना ने बताया कि भारतीय मछुआरों की सहायता के लिए तुरंत बचाव दल रवाना किए गए। राहत एवं बचाव अभियान जारी है ताकि सभी मछुआरों को सुरक्षित निकाला जा सके और आवश्यक मदद उपलब्ध कराई जा सके। श्रीलंका नौसेना ने कहा कि इस घटना के संबंध में आगे की कार्रवाई संबंधित कानूनों और निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की जा रही है।
भारतीय और श्रीलंकाई मछुआरों का मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में लंबे समय से संवेदनशील बना हुआ है। श्रीलंकाई नौसेना पर कई बार पाल्क जलडमरूमध्य में भारतीय मछुआरों पर गोलीबारी करने और कथित तौर पर श्रीलंकाई जलक्षेत्र में प्रवेश करने के आरोप में उनकी नौकाएं जब्त करने के आरोप लगते रहे हैं।
भारत के तमिलनाडु और श्रीलंका के बीच स्थित पाल्क जलडमरूमध्य समुद्री संसाधनों से भरपूर क्षेत्र है। यही वजह है कि दोनों देशों के मछुआरे बड़ी संख्या में यहां मछली पकड़ने पहुंचते हैं। समुद्री सीमा स्पष्ट होने के बावजूद अनजाने में एक-दूसरे के जलक्षेत्र में प्रवेश करने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, जिसके चलते दोनों देशों के मछुआरों की गिरफ्तारी भी समय-समय पर होती रहती है।
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