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क्या सलाद से फैल सकता है Cyclosporiasis, जानिए दूषित भोजन से होने वाले संक्रमण में डिहाइड्रेशन का खतरा कैसे बढ़ता है

August 12, 2026

नई दिल्ली । हरी पत्तेदार सब्जियां (Leafy Vegetables) और सलाद (Salad) सेहतमंद खानपान का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं, लेकिन इन्हें खाने से पहले साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अमेरिका के मिशिगन में साइक्लोस्पोरा संक्रमण (Cyclospora Infection) के प्रकोप से दो लोगों की मौत की खबर के बाद इस संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, दोनों मृतकों को पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं (health concerns)थीं और आंतों की बीमारी तथा डिहाइड्रेशन (Dehydration) ने उनकी स्थिति को गंभीर बनाने में भूमिका निभाई।

साइक्लोस्पोरियासिस एक आंतों का संक्रमण है, जो साइक्लोस्पोरा नामक सूक्ष्म परजीवी के कारण होता है। यह परजीवी दूषित भोजन या पानी के माध्यम से शरीर में पहुंच सकता है। आमतौर पर यह संक्रमण जानलेवा नहीं होता, लेकिन लगातार दस्त होने पर शरीर से बड़ी मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स निकल सकते हैं। समय पर उपचार न मिलने पर डिहाइड्रेशन गंभीर रूप ले सकता है।

मिशिगन में सामने आए प्रकोप की जांच में मैक्सिको से आपूर्ति किए गए आइसबर्ग लेट्यूस को संभावित संक्रमण स्रोत माना गया है। हालांकि, जांच के दौरान लेट्यूस के एक नमूने में साइक्लोस्पोरा मिलने की शुरुआती प्रयोगशाला रिपोर्ट बाद में फॉल्स पॉजिटिव पाई गई। इसके बावजूद उपलब्ध महामारी विज्ञान संबंधी साक्ष्य उसी आपूर्ति श्रृंखला की ओर संकेत करते रहे।

साइक्लोस्पोरा संक्रमित व्यक्ति के मल से दूषित भोजन या पानी के जरिए फैल सकता है। यदि दूषित पानी का इस्तेमाल फलों और सब्जियों को उगाने, धोने या तैयार करने में किया जाए तो संक्रमण का खतरा पैदा हो सकता है। लेट्यूस का इस्तेमाल सलाद के अलावा बर्गर, सैंडविच और रैप्स में भी किया जाता है, इसलिए कच्चे लेट्यूस का सेवन करते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

साइक्लोस्पोरियासिस का सबसे प्रमुख लक्षण बार-बार पानी जैसे दस्त होना है। इसके साथ पेट दर्द या ऐंठन, मतली, भूख कम लगना, थकान, वजन कम होना और शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई मामलों में संक्रमण लंबे समय तक बना रह सकता है और लक्षण कुछ समय कम होने के बाद दोबारा भी दिखाई दे सकते हैं।

इस संक्रमण का खतरा खासतौर पर उन लोगों में अधिक गंभीर हो सकता है जिन्हें पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है या जिनके शरीर में डिहाइड्रेशन तेजी से हो सकता है। लगातार दस्त के कारण कमजोरी बढ़ने के साथ शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन भी बिगड़ सकता है। ऐसे में समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

भारत में भी मानसून के दौरान दूषित पानी और खराब खाद्य स्वच्छता के कारण कई तरह के आंतों के संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि अमेरिका में सामने आए इस विशेष प्रकोप को भारत में संक्रमण फैलने का संकेत नहीं माना जा सकता। यहां लोगों को घबराने के बजाय ताजी सब्जियों और सलाद की सफाई पर ध्यान देना चाहिए।

लेट्यूस और अन्य पत्तेदार सब्जियों को खाने से पहले साफ बहते पानी में अच्छी तरह धोना जरूरी है। खराब या गंदी पत्तियों को अलग कर देना चाहिए। भोजन बनाने से पहले और बाद में हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना भी संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद करता है। सब्जियों को साफ करने के लिए साबुन, डिटर्जेंट या अन्य रसायनों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।


  • सिर्फ साइक्लोस्पोरियासिस के डर से सलाद या ताजी सब्जियां खाना बंद करने की जरूरत नहीं है। सही तरीके से सफाई, सुरक्षित पानी और स्वच्छ भोजन की आदतें संक्रमण के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण हैं। यदि किसी व्यक्ति को लगातार दस्त, अत्यधिक कमजोरी, चक्कर, मुंह सूखना या पेशाब कम होने जैसे डिहाइड्रेशन के संकेत दिखाई दें तो डॉक्टर से संपर्क करने में देरी नहीं करनी चाहिए।

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