
नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Congress President Mallikarjun Khadge) ने कहा कि धर्म के नाम पर लोगों को बांटने (To divide people in the name of Religion) की कोशिश की जा रही है (Attempts are being Made) ।
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस की ‘विजय शंखनाद’ रैली के बाद रामलीला मैदान में हुए ‘शुद्धिकरण हवन’ को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा और हिंदू संगठनों पर निशाना साधा है। आठ अगस्त को आयोजित कांग्रेस की रैली को खड़गे ने संबोधित किया था। इसके बाद श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास की ओर से रामलीला मैदान में शुद्धि हवन किया गया।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस घटनाक्रम पर कहा कि कांग्रेस शुरू से कहती रही है कि देश में दलितों के लिए जगह नहीं है। धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश की जा रही है। खड़गे ने सवाल उठाया कि रामलीला मैदान सभी राजनीतिक दलों की जनसभाओं के लिए इस्तेमाल होता है, ऐसे में वहां हवन करने की जरूरत क्या थी? कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि इस तरह का आयोजन सबसे पहले हिंदू धर्म के ही खिलाफ है। ऐसे कदम देश को बांटने और जातियों के बीच विवाद पैदा करने का काम करते हैं।
खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार अपना एजेंडा पूरा होने के बाद ही इस तरह की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले इस संबंध में अन्य दलों से कभी चर्चा नहीं की गई और अब 19 दिन बर्बाद करने के बाद समय बढ़ाने की मांग की जा रही है। उन्होंने सरकार के रवैये को शर्मनाक बताते हुए कहा कि संसद का समय महत्वपूर्ण है और सभी दलों को साथ लेकर काम किया जाना चाहिए। खड़गे के इन बयानों के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के संकेत हैं।
कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कहा, “कब, अब जब आज वंदे मातरम हो रहा है, जन गण मन हो रहा है। 19 दिन संसद चला और कम से कम 25-26 दिन आपके पास थे तो उस समय आपको ये याद नहीं आया। ये तो मैं समझाता हूं कि लोगों को बताने के लिए उनका ये बयान है। जब आपका एजेंडा पूरा हो गया तब आप तैयार होते हैं, सबके 19 दिन बर्बाद करने के बाद अब समय मांगते हैं। ये शर्म की बात है।”
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