नई दिल्ली। अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) को लेकर सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में किए जा रहे चौंकाने वाले दावों के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने स्थिति साफ कर दी है। जहाज पर सात सैनिकों की मौत या आत्महत्या करने के दावे को अमेरिकी कमांड ने गलत बताया है। हालांकि, 3 अगस्त को एक नाविक के समुद्र में गिरने की घटना जरूर हुई थी, जिसे समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया।
CENTCOM के मुताबिक, यूएसएस अब्राहम लिंकन पर किसी भी सर्विस मेंबर की मौत नहीं हुई है। 3 अगस्त को एक नाविक समुद्र में गिर गया था, लेकिन उसे तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उसे जरूरी चिकित्सा सहायता दी गई और आगे के इलाज के लिए जहाज से बाहर भेजा गया।
इस घटना को सात सैनिकों की मौत या आत्महत्या से जोड़कर पेश किया जाना गलत है। यानी अब तक सामने आई आधिकारिक जानकारी में जहाज पर किसी सैनिक की मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
अब्राहम लिंकन को लेकर विवाद की एक बड़ी वजह उसकी लंबी तैनाती भी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह एयरक्राफ्ट कैरियर नवंबर 2025 से लगातार तैनात है और 260 दिनों से ज्यादा समय समुद्र में बिता चुका है। जहाज पर करीब 5,000 नौसैनिक और मरीन मौजूद हैं।
इतनी लंबी तैनाती को लेकर सैनिकों के परिवारों और कुछ अमेरिकी सांसदों ने चिंता जताई है। लंबे समय तक घर से दूर रहने के अलावा जहाज पर सामान की कमी, सुविधाओं और सैन्यकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सवाल भी उठे हैं।
कुछ अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में कई नाविकों के समुद्र में कूदने की कोशिश किए जाने के दावे किए गए हैं। हालांकि, अमेरिकी नौसेना ने आत्महत्या के मामलों में किसी बढ़ोतरी की बात से इनकार किया है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी अब्राहम लिंकन पर खराब परिस्थितियों से जुड़ी रिपोर्ट्स को गलत तरीके से पेश किए जाने की बात कही है। ऐसे में आधिकारिक बयानों और मीडिया में चल रहे दावों के बीच अंतर साफ नजर आ रहा है।
अब्राहम लिंकन की लंबी तैनाती के बीच अमेरिकी नौसेना पर क्रू को राहत देने का दबाव भी बढ़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन को अब्राहम लिंकन की जगह भेजा जा रहा है। इससे लंबे समय से समुद्र में तैनात क्रू को राहत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल आधिकारिक जानकारी के आधार पर यूएसएस अब्राहम लिंकन पर सात सैनिकों की मौत का दावा गलत है। 3 अगस्त को एक नाविक समुद्र में गिरा था, लेकिन उसे सुरक्षित बचा लिया गया। हालांकि, जहाज की 260 दिनों से अधिक की लगातार तैनाती और सैनिकों की मानसिक सेहत को लेकर उठ रहे सवालों को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लंबे समय तक समुद्र में तैनाती अमेरिकी नौसेना के लिए अब एक अलग चुनौती बनती दिखाई दे रही है।
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