
भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा की मौत (Twisha Sharma Death Case) के मामले की जांच अब अपने आखिरी चरण में है. कोर्ट के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (Central Bureau of Investigation- CBI) 17 अगस्त को दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी. चार्जशीट सार्वजनिक होने के बाद ही यह गुत्थी सुलझ पाएगी कि ट्विशा शर्मा की मौत पहले से सोची-समझी हत्या थी या आत्महत्या. चार्जशीट सामने आने के बाद जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों और CBI की जांच के नतीजों के आधार पर पूरी स्थिति काफी हद तक साफ हो सकती है।
दरअसल, इस मामले के मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को 21 मई को गिरफ्तार किया गया था और उनकी 90 दिन की कानूनी कस्टडी की अवधि 19 अगस्त को खत्म हो रही है. अगर CBI 17 अगस्त तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाती है, तो नियमों के तहत आरोपी अपने-आप वैधानिक जमानत का दावा कर सकते हैं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने कस्टडी की अवधि सिर्फ 17 अगस्त तक बढ़ाई थी. इसलिए CBI के लिए इस समय-सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करना बहुत जरूरी है।
वकील अंकुर पांडे पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे हैं. उनके अनुसार कोर्ट ने सुनवाई 17 अगस्त तक टाल दी है. इसी दिन CBI को अपनी चार्जशीट दाखिल करनी है. इस बीच आरोपी गिरिबाला सिंह की ओर से पैरवी कर रहे लीगल एड वकील पिछली सुनवाई में शामिल नहीं हुए. बताया जा रहा है कि लीगल एड वकील अब इस केस से हट गई हैं. जिसके बाद आगे दोनों आरोपियों की पैरवी प्राइवेट वकील करेंगे।
ट्विशा शर्मा की मौत हत्या या आत्महत्या?
अब सबकी नजरें 17 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं. इस दिन CBI की चार्जशीट, जांच के नतीजे और दोनों आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए सबूत कोर्ट के सामने पेश किए जाएंगे. उम्मीद है कि चार्जशीट में सामने आए तथ्यों और सबूतों से ट्विशा शर्मा की मौत के बारे में CBI के निष्कर्ष और जांच के दौरान उसे साबित करने के लिए जुटाए गए सबूतों के बारे में स्पष्टता मिलेगी. साथ ही यह भी खुलासा हो सकता है कि ट्विशा शर्मा की मौत हत्या थी या आत्महत्या?
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