
नई दिल्ली । ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन (All India Imam Association) के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी (Maulana Sajid Rashidi) ने हाल ही में भारत में इस्लामिक कानून (Islamic Laws In India) लागू किए जाने की मांग रखी थी. उनके इस बयान पर इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली (Maulana Khalid Rashid Firangi Mahali) ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने रशीदी के बयान पर असहमति जताते हुए कहा कि भारत केवल संविधान के मुताबिक ही चलेगा. खालिद रशीदी ने मौलाना साजिद रशीदी के बयान को अनुचित बनाते हुए कहा कि देश में इस तरह के बयानों की कोई जगह नहीं है.
भारत में इस्लामिक कानून लाना चाहते हैं मौलाना?
‘ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन’ के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने IANS के साथ बातचीत में कहा था,’ मैं देश को एक बार फिर चेतावनी देना चाहता हूं कि जब तक इस देश में इस्लामिक कानून लागू नहीं होता तब तक रेप, अपराध, भ्रष्टाचार और ऐसी अन्य चीजों को खत्म नहीं किया जा सकता. आपको इस्लामिक देशों को देखना चाहिए वहां न तो रेप होता है, न चोरी होती है और न ही भ्रष्टाचार होता है और लोग बहुत खुशहाल जीवन जी रहे हैं, लेकिन यहां वे ये कानून नहीं लाना चाहते क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं इस्लामिक शरिया लागू न हो जाए. भाई, इस्लामिक शरिया कैसे लागू होगा? रेप के लिए इस्लाम का कानून देखिए. अगर व्यक्ति शादीशुदा है, तो उसे जमीन में आधा गाड़ दिया जाना चाहिए और पत्थर मारकर मार डाला जाना चाहिए.’
‘भारत केवल संविधान से चलेगा…’
साजिद रशीदी के इस बयान को लेकर मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि भारत संविधान के हिसाब से चलता है. यहां हर हर व्यक्ति के पास अपने धर्म और पर्सनल लॉ से संबंधित मान्यताओं का पालन करने की पूरी आजादी है, लेकिन यह सब संविधान के अंतर्गत ही होना चाहिए. खालिद रशीद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी साफ कर चुका है कि पर्नल लॉ की अपनी लिमिटेशन्स हैं और वे संविधान के दायरे से बाहर नहीं हो सकती है. ऐसे में यह बयान अनुचित है. मौलाना खालिद रशीद ने दुष्कर्म जैसे अपराधों को लेकर कहा कि इन्हें रोकने के लिए हमारे देश में पहले से ही पर्याप्त कानून बने हुए हैं. उन्होंने कहा कि धार्मिक नेताओं को समाज में मौजूद बुराइयों को दूर करने में काम करना चाहिए.
मौलाना के बयान को दिया समर्थन
मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली के उलट आगरा की खुद्दाम-ए-रोजा ताजमहल उर्स कमेटी से जुड़े ताहिरुद्दीन ताहिर ने मौलाना रशीदी के बयानों का समर्थन किया है. उन्होंने सऊदी अरब का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर भारत में इस्लामिक देशों जैसे कानून लागू होते हैं, तो अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है. उन्होंने दावा किया कि इससे दुष्कर्म, छेड़छाड़ और चोरी जैसे कई अपराधों में रोक लग सकती है. दूसरी तरफ अयोध्या के संत दिवाकराचार्य महाराज ने मौलाना साजिद रशीदी के बयान का विरोध करते हुए कहा कि भारत में संविधान सबसे ऊपर है और देश की व्यवस्था उसके मुताबिक ही चलती है. उन्होंने कहा कि भारत की संवैधानिक व्यवस्था और कानून का सम्मान होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को संविधान से ऊपर किसी भी तरह की व्यवस्था रखने की मांग नहीं करनी चाहिए.
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