
उज्जैन। उज्जैन की भैरवगढ़ सेंट्रल जेल के कैदी इस साल भी इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएँ बना रहे हैं। ये मूर्तियाँ गोबर, मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनाई जा रही हैं, ताकि विसर्जन के बाद ये पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुँचाएँ।
उल्लेखनीय है कि जेल के 25 से ज्यादा कैदी गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुट हुए हैं। इन मूर्तियों को जेल के बाहर स्टॉल पर बेचा जाएगा। इनकी कीमत 100 रुपए से 300 रुपए तक रहेगी। आमजन भी यहां से मूर्तियां खरीद सकते हैं, क्योंकि ये सस्ती होने के साथ-साथ पर्यावरण के लिए सुरक्षित भी हैं। जेल अधीक्षक मनोज साहू ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य कैदियों को रचनात्मक कार्यों से जोडऩा और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना है। उन्होंने बताया कि इस साल लगभग 200 प्रतिमाएं बनाई जा रही हैं, यह काम 25 कैदियों की एक टीम मिलकर निर्माण कर रही हैं। खास बात यह है कि ये मूर्तियाँ न केवल इको-फ्रेंडली हैं, बल्कि इनका मूल्य भी बहुत कम है, जो इन्हें आम लोगों के लिए सुलभ बनाता है। ये मूर्तियां लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने में भी मदद कर रही हैं। यह पहल दिखाती है कि जेल में बंद कैदी भी समाज और पर्यावरण के लिए सकारात्मक योगदान दे सकते हैं। इस अनूठी पहल से जहां एक तरफ कैदियों को समाज में सकारात्मक योगदान देने का मौका मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह लोगों को भी पर्यावरण के अनुकूल त्यौहार मनाने के लिए प्रेरित करती है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved