पुणे। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे (Narendra Modi) के पुणे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की तस्वीर हटाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में हुई इस घटना के बाद भाजपा ने आपत्ति जताई, जिसके बाद पुलिस ने अमित ठाकरे समेत 20-25 अज्ञात पदाधिकारियों, छात्रों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
यह विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब अमित ठाकरे कॉलेज प्रशासन से छात्रों की समस्याओं और हॉस्टल-मेस जैसी सुविधाओं को लेकर बातचीत कर रहे थे।
अमित ठाकरे सोमवार को पुणे के गणेशखिंड स्थित सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुंचे थे। उनका दौरा मुख्य रूप से छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं और उनकी समस्याओं का जायजा लेने से जुड़ा था।
रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने कॉलेज के हॉस्टल, मेस और शौचालयों की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। इसी दौरान उनकी नजर कॉलेज कार्यालय की एक दीवार पर लगी तस्वीरों पर गई।
बताया जा रहा है कि कार्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बीआर आंबेडकर और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तस्वीरों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी लगी थी।
अमित ठाकरे ने प्रधानमंत्री की तस्वीर को लेकर सवाल उठाया और अपने साथ मौजूद एक कार्यकर्ता से उसे हटाने को कहा। इसके बाद कार्यकर्ता ने पीएम मोदी की तस्वीर दीवार से उतार दी।
इसी बात को लेकर कॉलेज प्रशासन और अमित ठाकरे के बीच विवाद शुरू हो गया।
रक्षाबंधन २०२६♥️ pic.twitter.com/O01u1IAcFv
— Amit Thackeray (@amitrthackeray) August 28, 2026
पुलिस के मुताबिक, सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल की शिकायत के आधार पर चतु:शृंगी पुलिस ने अमित ठाकरे और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अमित ठाकरे के साथ करीब 20 से 25 लोग बिना पूर्व अनुमति कॉलेज के प्रशासनिक कार्यालय में पहुंचे थे। इस दौरान कॉलेज की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल-जवाब किए गए और कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर ऊंची आवाज में बातचीत हुई।
शिकायत के मुताबिक, प्रधानमंत्री की तस्वीर हटाने पर कॉलेज प्रशासन की ओर से आपत्ति जताए जाने के बावजूद तस्वीर वहां से हटा दी गई।
प्रिंसिपल की शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान अमित ठाकरे और उनके साथ आए लोगों ने कथित तौर पर नारेबाजी की और कॉलेज प्रशासन को विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी।
हालांकि, ये सभी आरोप शिकायत में लगाए गए हैं। इनकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
घटना सामने आने के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अमित ठाकरे की कार्रवाई पर सवाल उठाए। भाजपा का कहना है कि सरकारी संस्थानों में तस्वीरें लगाने को लेकर निर्धारित प्रोटोकॉल होते हैं और प्रधानमंत्री की तस्वीर हटाना उचित नहीं है।
पुणे के भाजपा नेता गणेश बिडकर ने इस घटना को राजनीतिक अपरिपक्वता बताया और अमित ठाकरे के कदम की आलोचना की।
विवाद बढ़ने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को कॉलेज प्रशासन ने दोबारा उसी स्थान पर लगा दिया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ताओं के कॉलेज पहुंचने से पहले ही प्रशासन ने तस्वीर वापस लगा दी थी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में कॉलेज में उस समय मौजूद लोगों के बयान, तस्वीर हटाने की परिस्थितियों और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की पड़ताल की जाएगी। इसी जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved