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‘AAP छोड़ी तो पार्टी बौखलाई’, वोटर लिस्ट से नाम कटने पर राघव चड्ढा का हमला, ‘आप’ ने भी किया पलटवार

September 03, 2026

चंडीगढ़। चुनाव आयोग (Election Commission) के SIR अभियान के तहत पंजाब (Punjab) की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (Draft Voter List) से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Rajya Sabha MP Raghav Chadha) का नाम हटाए जाने के बाद सियासी विवाद खड़ा हो गया है। चड्ढा ने इसे ‘राजनीतिक बदले की भावना’ से की गई कार्रवाई बताया है। वहीं आम आदमी पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा है कि SIR की प्रक्रिया पूरी तरह चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में है और इसमें पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

ड्राफ्ट लिस्ट में चड्ढा के नाम के आगे ‘Permanently Shifted’
चुनाव आयोग की ओर से 13 अगस्त 2026 को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में राघव चड्ढा के नाम के सामने ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ (Permanently Shifted) दर्ज है। उनका नाम अब अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट (ASDD) सूची में शामिल है। SIR के तहत पंजाब में अब तक 20.66 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा चुके हैं। यह संख्या पुनरीक्षण से पहले राज्य के कुल मतदाताओं की करीब 9.7% है।

चड्ढा बोले- पंजाब सरकार के अधिकारी ही कर रहे पूरी प्रक्रिया
मोहाली में रजिस्टर्ड अपने वोटर आईडी का हवाला देते हुए राघव चड्ढा ने पंजाब की AAP सरकार पर प्रशासनिक तंत्र और पुलिस के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह महज लिपिकीय गलती नहीं है। चड्ढा के मुताबिक, उन्हें ‘स्थानांतरित’ के तौर पर मार्क करने से लेकर उसकी वेरिफिकेशन और उच्च स्तर पर प्रक्रिया पूरी करने तक पंजाब सरकार के अधिकारी ही शामिल रहे।


  • चड्ढा ने कहा कि जमीन पर काम करने वाले BLO से लेकर CEO तक पूरी प्रक्रिया में पंजाब सरकार के कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं। उनका आरोप है कि चुनावी ड्यूटी खत्म होने के बाद अधिकारियों के तबादले, पोस्टिंग और करियर पर राज्य सरकार का नियंत्रण रहता है और इसी प्रशासनिक दबाव के जरिए उनके खिलाफ राजनीतिक बदला लिया जा रहा है।

    ‘AAP छोड़ने के बाद पूर्व नेताओं को बनाया जा रहा निशाना’
    राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि जब से उन्होंने और अन्य नेताओं ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामा है, तब से AAP नेतृत्व बौखलाया हुआ है। उनका कहना है कि जो नेता चुप रहने को तैयार नहीं हैं, उनके खिलाफ पंजाब पुलिस और प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दूसरे पूर्व AAP सांसदों और नेताओं को भी इसी तरह निशाना बनाया जा रहा है।

    SIR गाइडलाइन की धारा 4(d) का भी दिया हवाला
    चड्ढा ने चुनाव आयोग की SIR गाइडलाइंस के पैरा 4(d) का हवाला देते हुए कहा कि इसमें जनप्रतिनिधियों के लिए ‘संरक्षित सूची’ का प्रावधान है। इसमें न्यायाधीशों, सांसदों और विधायकों जैसे जनप्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। उनके मुताबिक, अगर किसी जनप्रतिनिधि का नाम डेटाबेस में फ्लैग भी किया जाता है, तब भी उसे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल रखना जरूरी है, ताकि दावे और आपत्तियों की अवधि में जरूरी दस्तावेज जमा किए जा सकें। चड्ढा का आरोप है कि वर्तमान सांसद होने के बावजूद उनके मामले में इन निर्देशों का जानबूझकर उल्लंघन किया गया।

    ‘अभी ड्राफ्ट लिस्ट है, अक्टूबर में आएगी फाइनल लिस्ट’
    राघव चड्ढा ने कहा कि फिलहाल यह ड्राफ्ट वोटर लिस्ट है, अंतिम सूची नहीं। फाइनल वोटर लिस्ट अक्टूबर 2026 में जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि SIR के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया के जरिए वह अपना नाम दोबारा शामिल कराने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में सरकार भले ही AAP चला रही हो, लेकिन पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट उसकी निजी संपत्ति नहीं है।

    AAP का पलटवार- ‘SIR में राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं’
    राघव चड्ढा के आरोपों पर आम आदमी पार्टी ने पलटवार किया है। पार्टी ने एक राष्ट्रीय अंग्रेजी समाचार पत्र की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि चड्ढा खुद दिल्ली में बैकडेट से अपना वोटर रजिस्ट्रेशन कराने की कोशिश कर रहे हैं और अपनी नाकामी का ठीकरा पंजाब सरकार और AAP पर फोड़ रहे हैं।

    AAP ने कहा कि SIR की पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग (ECI) कराता है और इसमें राज्य सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होता। पार्टी के मुताबिक मतदाता सूची में किसका नाम जोड़ा जाएगा और किसका हटाया जाएगा, यह तय करने में पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

    ‘पंजाब में नहीं रहते तो वोटर रजिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी आपकी’
    AAP ने कहा कि सार्वजनिक रिकॉर्ड के मुताबिक राघव चड्ढा दिल्ली में रह रहे हैं, पंजाब में नहीं। ऐसे में पंजाब का वोटर रजिस्ट्रेशन बनाए रखना या उसे दूसरी जगह ट्रांसफर कराना उनकी अपनी जिम्मेदारी थी। पार्टी ने कहा कि इसके लिए पंजाब सरकार या AAP को जिम्मेदार ठहराना गलत है।

    AAP का दावा- राजेंद्र नगर में बैकडेट से नाम जुड़वाने की कोशिश
    आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि उसे चुनाव आयोग के सूत्रों से जानकारी मिली है कि राघव चड्ढा दिल्ली के राजेंद्र नगर से बैकडेट प्रक्रिया के जरिए अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी ने कहा कि अगर किसी तरह की गैरकानूनी या बैकडेट एंट्री कराई गई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पूरा सच जनता के सामने आना चाहिए। AAP नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा या किसी अन्य व्यक्ति ने ऐसी बैकडेट एंट्री में मदद की है तो पार्टी मामले को उसके अंजाम तक ले जाएगी।

    2022 में पंजाब से राज्यसभा पहुंचे थे चड्ढा
    राघव चड्ढा वर्ष 2022 में AAP के टिकट पर पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। हालांकि, अप्रैल 2026 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।

    12 सितंबर तक नाम जुड़वाने का मौका
    चुनाव आयोग के मुताबिक ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है। जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनके पास 12 सितंबर 2026 तक आवेदन करने का मौका है। इस अवधि में मतदाता फॉर्म 6 भरकर अपना नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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