
नई दिल्ली। जापान (Japan) की साख निर्धारण एजेंसी जेसीआर (Credit rating agency JCR) ने बुधवार को स्थिर परिदृश्य के साथ भारत (India) की रेटिंग एक पायदान बढ़ाकर ‘ए-’ कर दी। एजेंसी ने रेटिंग बढ़ाने के पीछे भारत की ‘मजबूत’ आर्थिक वृद्धि (‘Robust’ Economic Growth) और वित्तीय स्थिति में सुधार को प्रमुख कारण बताया।
जेसीआर ने कहा कि 140 करोड़ से अधिक की आबादी और मौजूदा मूल्य पर 3.9 लाख करोड़ डॉलर की जीडीपी वाली भारतीय अर्थव्यवस्था के चालू वित्त वर्ष में छह प्रतिशत से अधिक की उच्च वृद्धि दर बनाए रखने की उम्मीद है। निजी खपत और निवेश के मजबूत समर्थन से भारतीय अर्थव्यवस्था हाल के वर्षों में ऊंची वृद्धि दर बनाए हुए है।
15वें वित्त आयोग के चेयरमैन एनके सिंह ने कहा 35 से ज्यादा वर्षों बाद भारत को फिर ‘ए’ रेटिंग मिली है। यह भारत की तेज आर्थिक वृद्धि, संरचनात्मक सुधारों और केंद्र-राज्य साझेदारी की मजबूती की मान्यता है। इससे पहले भारत को ‘ए’ श्रेणी की रेटिंग मूडीज ने 1988 में ए2 दी थी। हालांकि, 1990-91 के भुगतान संतुलन संकट के दौरान यह रेटिंग चली गई थी।
क्या मिलेगा फायदा
आम आदमी को सीधे नहीं, बल्कि धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था के जरिए फायदा मिल सकता है। बेहतर रेटिंग से कंपनियों के लिए विदेशों से कर्ज सस्ता होगा। इससे भविष्य में होम लोन, कार लोन और कारोबार के कर्ज की ब्याज दरों पर सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है। विदेशी निवेश भी आकर्षित होगा। इससे कारखाने, नए कारोबार बढ़ने पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
बेल्जियम से बढ़ेगा व्यापार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को भारत की यात्रा पर आए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बर्ट दे वेवर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान व्यापार और निवेश बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। ऊर्जा, रक्षा, जलवायु परिवर्तन, प्रौद्योगिकी आदि के क्षेत्रों में भी कई समझौते की उम्मीद है। यूरोपीय संघ के देश के रूप में बेल्जियम भारत में निवेश और व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है।
बेल्जियम के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा दो दशक के अंतराल के बाद हो रही है। इससे दोनों देशों के बीच संबंधों के एक नए युग की शुरूआत होने की उम्मीद है। बेल्जियम उन यूरोपीय देशों में शामिल है, जिसने भारत के आजाद होने के तुरंत बाद राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने 2016 में बेल्जियम की यात्रा की थी।
बेल्जियम के प्रधानमंत्री के साथ वहां के रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री भी भारत आए हैं। संभावना है कि रक्षा उद्योगों के बीच सह उत्पादन को लेकर कुछ समझौते हो सकते हैं। वहीं, बीते वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में 40 से अधिक समझौते हुए थे।
18 अरब डॉलर का व्यापार
भारत और बेल्जियम के बीच मौजूदा व्यापार 13 अरब डॉलर सालाना है। हाल में यूरोपीय संघ के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते के बाद इसमें बढ़ोतरी की उम्मीद है। इतना ही नहीं भारत में विदेशी निवेश का भी बेल्जियम एक महत्वपूर्ण स्रोत है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2000-2025 के दौरान बेल्जियम से 4.2 अरब डॉलर का निवेश भारत में आया। अब इसमें बढ़ोतरी की संभावना है।
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