नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के दोबारा व्हाइट हाउस लौटने के बाद अमेरिकी जनता के बीच सरकार में भ्रष्टाचार (Donald Trump’s corruption) को लेकर धारणा काफी बढ़ी है। एक नए गैलप सर्वे के मुताबिक, 89 प्रतिशत अमेरिकियों का मानना है कि उनकी सरकार में भ्रष्टाचार व्यापक रूप से फैला हुआ है। यह आंकड़ा करीब दो दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
पिछले साल यानी 2025 में 79 प्रतिशत अमेरिकियों ने सरकार में व्यापक भ्रष्टाचार की बात कही थी, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 73 प्रतिशत था। यानी दो साल में ऐसे लोगों की हिस्सेदारी में 16 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है।
गैलप के सर्वे में भ्रष्टाचार को लेकर धारणा में सबसे बड़ा बदलाव डेमोक्रेट और निर्दलीय मतदाताओं के बीच दिखाई दिया। 2024 में जहां 57 प्रतिशत डेमोक्रेट सरकार में व्यापक भ्रष्टाचार मानते थे, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 91 प्रतिशत हो गया है।
इसी तरह निर्दलीय मतदाताओं में यह धारणा 2024 के 78 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत हो गई। रिपब्लिकन मतदाताओं में बदलाव अपेक्षाकृत कम रहा और इस साल करीब 83 प्रतिशत रिपब्लिकन ने सरकार में व्यापक भ्रष्टाचार की बात कही।
गौर करने वाली बात यह है कि सर्वे के सवाल में राष्ट्रपति ट्रंप का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया था। हालांकि गैलप के मुताबिक सरकार में व्यापक भ्रष्टाचार को देखने वाले अमेरिकियों की संख्या में यह तेज वृद्धि ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद हुई है।
Why would anyone who actually cares about America oppose this??? We have a right to our own sovereignty. https://t.co/9Bql3pDTxl
— Donald Trump Jr. (@DonaldJTrumpJr) August 7, 2026
सर्वे के ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो 2010 से 2025 के बीच आमतौर पर 72 से 79 प्रतिशत अमेरिकी सरकार में व्यापक भ्रष्टाचार की धारणा रखते रहे हैं। ऐसे में इस साल 89 प्रतिशत का आंकड़ा सामान्य स्तर से काफी ऊपर है।
इस स्तर का आंकड़ा अमेरिका को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में भी रखता है जहां बड़ी संख्या में नागरिक अपनी सरकार को भ्रष्ट मानते हैं। गैलप के अनुसार 2023 के बाद केवल लेबनान, घाना, नाइजीरिया और पेरू में ही इस तरह का उच्च स्तर दर्ज किया गया है।
अमेरिकियों के बीच भ्रष्टाचार की चिंता सिर्फ सरकार तक सीमित नहीं है। सर्वे में 71 प्रतिशत लोगों ने कहा कि अमेरिकी व्यापार जगत में भी भ्रष्टाचार व्यापक रूप से मौजूद है।
2024 में यह आंकड़ा 59 प्रतिशत था। यानी दो साल में व्यापार जगत को लेकर भ्रष्टाचार की धारणा में भी 12 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई है।
यह सर्वे ऐसे समय सामने आया है जब ट्रंप के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद उन पर संभावित हितों के टकराव और पद के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों को लेकर विवाद होते रहे हैं।
इनमें से एक प्रमुख विवाद कतर के शाही परिवार की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति के इस्तेमाल के लिए दिए गए अत्यंत महंगे बोइंग 747 विमान से जुड़ा था। ट्रंप ने इसे अमेरिका के लिए एक मुफ्त उपहार बताया था।
हालांकि अमेरिकी वायु सेना के पूर्व अधिकारियों ने कहा था कि विमान को एयर फोर्स वन के तौर पर इस्तेमाल करने से पहले इसमें करदाताओं के पैसे से करोड़ों डॉलर का अपग्रेड करना पड़ सकता है।
विमान को लेकर विवाद में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट, दोनों ही खेमों से आलोचना सामने आई थी। इसके बाद ट्रंप के राष्ट्रपति पद, उनके निजी कारोबारी हितों और धनी विदेशी दानदाताओं के बीच संभावित संबंधों को लेकर सवाल उठे।
गैलप का ताजा सर्वे सीधे तौर पर यह निष्कर्ष नहीं देता कि भ्रष्टाचार की बढ़ती धारणा के लिए ट्रंप जिम्मेदार हैं। लेकिन आंकड़े यह जरूर दिखाते हैं कि ट्रंप की सत्ता में वापसी के बाद सरकार में व्यापक भ्रष्टाचार को मानने वाले अमेरिकियों का प्रतिशत तेजी से बढ़ा है।
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