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जंतर-मंतर प्रदर्शन में संजय कुमार को चोट पहुंचाने के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से पुलिस ने किया गिरफ्तार

September 05, 2026

नई दिल्ली ।जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर 23 जून को हुए प्रदर्शन (Protest) के दौरान संजय कुमार (Sanjay Kumar) के साथ मारपीट के मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को पुलिस ने बुलंदशहर (Bulandshahr) से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब मामले में आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली (Delhi) में प्रदर्शन किया जा रहा था। पुलिस ने पहले 72 घंटे में कार्रवाई का भरोसा दिया था, लेकिन इसके कुछ ही घंटे बाद आरोपी को पकड़ लिया गया।

संजय कुमार प्रदर्शन में शामिल छात्रा निशु आजाद के पिता हैं। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में उनके सिर पर चोट लगी थी। मामले में यह आरोप सामने आया कि स्वतंत्र भारद्वाज के हाथ में पहने कड़े से संजय कुमार के सिर पर चोट लगी। घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया था।

मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। इसमें वह जंतर-मंतर पर हुई घटना और संजय कुमार को चोट लगने के संबंध में बात करता दिखाई दिया। वीडियो सामने आने के बाद उसकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई।

शुक्रवार को संगठन के कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि संजय कुमार से मारपीट के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उसे गिरफ्तार किया जाए। पुलिस अधिकारियों ने प्रतिनिधियों को 72 घंटे के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद बुलंदशहर से आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई।

मामले में पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी में कई कानूनी धाराएं जोड़ी हैं। इनमें एससी-एसटी अधिनियम के प्रावधानों के साथ भारतीय न्याय संहिता के तहत पीछा करने और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से संबंधित धाराएं शामिल हैं। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधान भी लगाए गए हैं। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

इस मामले को लेकर पहले कार्रवाई में देरी पर सवाल उठे थे। पुलिस ने तीन सितंबर को स्पष्ट किया था कि घटना से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट में सिर की हड्डी में फ्रैक्चर या किसी गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने कार्रवाई में देरी के पीछे किसी तरह के राजनीतिक दबाव की बात से भी इनकार किया था।

घटना के बाद सामने आए वीडियो और गिरफ्तारी की मांग ने मामले को दोबारा चर्चा में ला दिया। अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच में पुलिस के सामने घटना के दौरान मौजूद लोगों के बयान, उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने की जिम्मेदारी होगी।

मामले में लगाए गए अलग-अलग कानूनी प्रावधानों के कारण जांच का दायरा भी बढ़ गया है। पुलिस को यह तय करना होगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, किसकी भूमिका क्या थी और दर्ज आरोपों से जुड़े साक्ष्यों की स्थिति क्या है।


  • जंतर-मंतर जैसे सार्वजनिक प्रदर्शन स्थलों पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था का मुद्दा भी इस घटना के बाद महत्वपूर्ण हो गया है। किसी प्रदर्शन के दौरान विवाद या झड़प की स्थिति में पुलिस के लिए घटनास्थल पर मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और शिकायत मिलने के बाद निष्पक्ष तरीके से जांच करना जरूरी होता है।

    फिलहाल स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच आगे बढ़ेगी। पुलिस द्वारा दर्ज विभिन्न धाराओं के तहत साक्ष्यों की जांच और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाने के बाद घटना की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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