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देश में अस्पृश्यता के 891 केस लंबित…. इनमें आधे UP में, महाराष्ट्र दूसरे और गुजरात तीसरे नंबर पर

September 05, 2026

नई दिल्ली। देशभर में अनुसूचित जाति (scheduled caste) के खिलाफ अस्पृश्यता (Untouchability) के 891 से ज्यादा मुकदमे (891 Cases) लंबित हैं। इन मामलों में किसी को कोई सजा नहीं हुई। जबकि 13 मामलों में आरोपी अपराध मुक्त हो गए। सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

इसमें साल 2024 के मामलों की स्थिति बताई गई है। इसके मुताबिक 886 मामले 2023 में लंबित हैं जबकि पांच मामले 2024 में और दर्ज हो गए। यह मामले विभिन्न अदालतों (Courts) में अंतिम निर्णय के लिए लंबित हैं। इनमें किसी को कोई सजा तब तक नहीं हो पाई थी। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में अस्पृश्यता से जुड़े 426, महाराष्ट्र 166 व गुजरात में 98 मामले दर्ज हैं। यह मामले विभिन्न अदालतों में अंतिम निर्णय के लिए लंबित हैं। अनुसूचित जाति के लोगों के खिलाफ हुए अपराधिक मामलों की बात की जाए तो 2024 में पुलिस द्वारा ऐसे 48 मामले दर्ज हुए। इनमें केवल पांच मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई। बाकी मामले पुलिस की जांच के स्तर पर लंबित हैं। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे द्वारा इस्तेमाल मंच के शुद्धीकरण का मामला उत्तराखंड में इन दिनों सुर्खियां बना हुआ है। इस राज्य में कोई केस दर्ज नहीं है।


  • केस दर्ज करने में महाराष्ट्र दूसरे और गुजरात तीसरे नंबर पर
    दोषियों को सजा दिलाने के लिए विशेष न्यायालय मौजूद : अस्पृश्यता से उत्पन्न किसी भी प्रकार की अक्षमता के शिकार व्यक्तियों को कानूनी सहायता दिलाने, अभियोजन शुरू करने अथवा अभियोजन की निगरानी करने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति करना जैसे उपाय शामिल हैं। दोषियों को सजा दिलाने के लिए विशेष न्यायालयों की स्थापना भी की गई है। कई राज्य सरकारों ने समितियों का गठन किया है।

    शुद्धीकरण मामले में उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष समेत कई नेताओं पर केस दर्ज
    कर्नाटक में बंगलूरू के विधान सौध पुलिस थाने में उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत कई नेताओं के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई। यह मामला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की 8 अगस्त को हल्द्वानी में हुई रैली स्थल के शुद्धीकरण से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस के एसटी विभाग के पूर्व उपाध्यक्ष टीआर रामप्पा ने 31 अगस्त को दी गई शिकायत में कहा कि खरगे की रैली के बाद भाजपा के कुछ सदस्यों और पदाधिकारियों ने 10 अगस्त को जनसभा स्थल का शुद्धीकरण किया। इसका मकसद आपत्तिजनक, अपमानजनक और जातिवादी सोच दिखाना था कि अनुसूचित जाति के मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी ने जगह को अपवित्र कर दिया। इसलिए इस जगह को रस्म के जरिये शुद्ध करने की जरूरत थी। शिकायत में कहा है कि यह न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि खरगे की गरिमा के खिलाफ है।

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