
लखीमपुर। यूपी (UP) के लखीमपुर (Lakhimpur) में शारदा और घाघरा नदी (Sharda and Ghaghara rivers) में लगातार पानी छोड़े जाने के बाद नदियों के किनारे के गांव बाढ़ की चपेट में हैं। शारदा नदी पलिया में खतरे के निशाने से ऊपर है। बाकी जगह पर नदी खतरे के निशान के पास बह रही है। शुक्रवार को 12 और गांव बाढ़ की चपेट (Floods Hit) में आ गए हैं। अब तक जिले के 34 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। हालांकि, पानी तेजी से निकल रहा है। प्रशासन लगातार नदियों के जलस्तर पर नजर लगाए है।
शारदा और घाघरा नदी की बाढ़ के सरकारी आंकड़े अगर देखा जाएं तो शुक्रवार को दो तहसीलों के 12 गांव और बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन गांवों की चार हजार से ज्यादा आबादी बाढ़ की चपेट में हैं। अब तक जिले के 34 गांवों की 19253 आबादी बाढ़ का दंश झेल चुकी है। प्रशासन ने पलिया, निघासन, धौरहरा, लखीमपुर और गोला तहसील प्रशासन को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। प्रशासन शारदा और घाघरा नदी के जलस्तर पर लगातार नजर लगाए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, शारदा व घाघरा नदी में पानी डिस्चार्ज होने के बाद नदियों के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचा लेकिन तेजी से पानी निकल गया। एडीएम नरेन्द्र बहादुर सिंह ने बाढ़ पीड़ितों को सहायता सामग्री के साथ ही खाने व पानी का इंतजाम करने का निर्देश दिया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जिले में बाढ़ को लेकर हालात सामान्य हैं। फिर भी सभी बाढ़ राहत केन्द्र और चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है। कोई दिक्कत न हो, लेखपालों को गांव वालों के सम्पर्क में रहने का निर्देश दिया गया है।
उफान पर मोहाना , जनकपुर के घरों में पहुंचा पानी
मोहाना नदी का जलस्तर बढ़ने से कौड़ियाला घाट गुरुद्वारे के पीछे बसे जनकपुर गांव में पानी भर गया है। घरों के भीतर तक पानी पहुंच जाने से लोग अपना सामान बटोरकर दूसरी जगह जाने की तैयारी में हैं। आलम यह है कि गांव के रास्तों तक पर लोग नाव से निकल रहे हैं। तहसील प्रशासन ने मौके पर लेखपाल व कानूनगो को हालात पर निगाह रखने के लिए तैनात किया है।
मोहाना नदी एक बार फिर जोर से उफना गई है। इससे कौड़ियाला घाट गुरुद्वारे के पीछे बसे जनकपुर गांव के भीतर बाढ़ का पानी दाखिल हो गया है। इस गांव में करीब सवा सौ घर हैं। गांव के देवीदयाल, संतराम और गुड्डू ने बताया कि मोहाना का पानी गांव में भर रहा है। सभी वहां से बाहर महफूज जगह पर जाने के लिए सामान पैक कर रहे हैं। गयाप्रसाद और राकेश कुमार ने बताया कि गांव के लोग अभी पास के कौड़ियाला घाट गुरुद्वारे में पनाह लेंगे।
जानवरों को सड़क के किनारे ऊंची जगह पर बांधा जाएगा। प्रधान प्रतिनिधि मो. मियां की सूचना पर पहुंचे लेखपाल फूलचंद और राजस्व निरीक्षक देवीचरन त्रिवेदी ने बताया कि जनकपुर गांव के सभी लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी गई है।
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