
डी ग्रेड , राऊ सबसे फिसड्डी, सांवेर ने रखी जिले की लाज
इन्दौर। कलेक्टर (Collector) की लगातार समीक्षा और अफसरों को दिए जा रहे सख्त निर्देशों के बावजूद इंदौर (Indore) की राजस्व व्यवस्था (Revenue System) पटरी पर नहीं आ रही है। 3 सितंबर की राजस्व ग्रेडिंग में जिला 45वें पायदान पर ही अटका रहा। 45.31 अंक के साथ फिर डी ग्रेड मिली है।
अगस्त माह में सिर्फ 1250 शिकायतें ही आई हैं, जिनमें से 960 अभी पेंडिंग स्थिति में हैं। 50 दिन बीत जाने के बावजूद 735 शिकायतों पर काम नहीं हुआ है। सबसे ज्यादा किरकिरी राऊ तहसील के प्रदर्शन से हुई है। यह तहसील 31.19 अंक के साथ जिले में सबसे नीचे रही। यानी एक ही जिले में सबसे बेहतर और सबसे खराब तहसील के बीच 39.55 अंकों का फासला है। नए एसडीएम और तहसीलदारों की पोस्टिंग के बाद उम्मीद लगाई जा रही थी कि काम में तेजी आएगी, लेकिन अब तक कोई बड़ा बदलाव सामने नहीं आ सका है।
50 दिन से ज्यादा पुरानी 735 शिकायतें
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में भी जिले की स्थिति चिंताजनक है। अगस्त में प्राप्त 1250 शिकायतों में से 960 शिकायतें 3 सितंबर तक लंबित थीं। इनमें 735 शिकायतें ऐसी हैं, जो 50 दिन से अधिक समय से अटकी हुई हैं। आंकड़े बता रहे हैं कि समीक्षा और निर्देशों के बावजूद शिकायतों के निराकरण की रफ्तार में अपेक्षित सुधार नहीं आया है। पिछली ग्रेडिंग में राऊ का स्कोर 32.86 था, जो घटकर 31.19 रह गया, यानी प्रदर्शन में 1.67 अंक की गिरावट आई। इसके अलावा देपालपुर-बेटमा 41.13, देपालपुर-गौतमपुरा 41.43 और सांवेर (ना. तह.) 42.29 अंक के साथ निचले पायदान पर रहे।
सांवेर और जूनी इंदौर ने संभाली लाज
तहसीलवार रैंकिंग में सांवेर 70.74 अंक के साथ सबसे आगे रहा। जूनी इंदौर (ना. तह.) 70.58 और हातोद (ना. तह.) 67.69 अंक के साथ बेहतर प्रदर्शन करने वालों में रहे। सांवेर और जूनी इंदौर को बी ग्रेड मिली, जबकि राऊ समेत अधिकांश तहसीलों का प्रदर्शन डी ग्रेड में रहा। यानी 20 राजस्व कोर्ट का काम डी कैटेगरी में रहा। लगातार समीक्षा और निर्देशों के बाद भी रैंकिंग में सुधार नहीं हो रहा है। कलेक्टर शिवम वर्मा आवेदक को बुलाकर सोमवार को सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा कर रहे हैं।
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