
उज्जैन। शहर के होटल-रेस्टोरेंटों में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया है। आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले, इसके लिए टीम ने छह होटल-रेस्टोरेंटों का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, किचन की स्वच्छता, भंडारण व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा से जुड़े अन्य मानकों को परखा गया। कमियां मिलने पर संबंधित संचालकों को सुधार सूचना पत्र जारी किए जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने होटल अंजुश्री, होटल मित्तल एवेन्यू, एमपीटी क्षिप्रा रेसीडेंसी, इण्डियन कैफे हाउस, श्री मार्तण्ड होटल और बनाना लिफ का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कच्ची खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उसके खरीद-बिक्री रिकॉर्ड से लेकर तैयार खाद्य पदार्थों की लेबलिंग तक की जांच की।
रसोई की सफाई से पानी की जांच तक
निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और मेडिकल फिटनेस भी देखी गई। खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से रखने, कच्चे और तैयार भोजन के भंडारण व्यवस्था तथा किचन की साफ-सफाई की स्थिति जांची गई। इसके अलावा प्रतिष्ठानों में उपयोग होने वाले पानी की गुणवत्ता का परीक्षण और खाद्य सुरक्षा के अन्य मानकों का भी परीक्षण किया गया।
सुधार नहीं किया तो लाइसेंस पर कार्रवाई
जांच में मिली कमियों को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत सुधार सूचना पत्र जारी किए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समय में कमियां दूर नहीं की गईं तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसमें खाद्य लाइसेंस निलंबित करने तक की कार्रवाई शामिल है।
मिलावट की तत्काल सूचना दें
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भोजन के लिए लाइसेंसधारी और स्वच्छ प्रतिष्ठानों को ही प्राथमिकता दें। खाद्य पदार्थों में मिलावट या किसी तरह की खाद्य असुरक्षा सामने आने पर प्रशासन को तत्काल सूचना दें। अधिकारियों के अनुसार शहर में खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी और जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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