
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल और उससे जुड़े संभावित खतरों पर दुनिया में बहस के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने इसके नियमन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने AI को नियंत्रित करने के लिए कड़े नियमों की मांग को एक ‘गंदी साजिश’ बताते हुए कहा कि AI के कारण मानवता के खत्म होने या दुनिया पर इसके कब्जे की आशंका जताना पूरी तरह बेबुनियाद है। उन्होंने कहा कि वह इस ‘नए ढोंग’ का भी पर्दाफाश करेंगे।
ट्रंप ने नियमों की मांग पर उठाए सवाल
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर AI इंडस्ट्री को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि व्यापार के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि किसी उद्योग के बड़े खिलाड़ी खुद ऐसे नियमों की मांग करें, जो आगे चलकर उसी उद्योग को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने AI को लेकर उठ रही आशंकाओं की तुलना रूस विवाद, यूक्रेन विवाद और महाभियोग से जुड़ी साजिशों से की। उनका कहना है कि AI के दुनिया पर कब्जा करने और मानवता को तबाह करने जैसे दावे भी उसी तरह का एक नया झूठ हैं।
चीन को लेकर भी ट्रंप ने किया दावा
ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का हवाला देते हुए कहा कि चीन AI के विकास की राह में कोई बाधा नहीं डालना चाहता। इसके विपरीत अमेरिका में सख्त नियमों और अलग-अलग मंजूरियों की जटिल प्रक्रिया के कारण बड़ी टेक कंपनियों को दूसरे देशों में निवेश के विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं।
ट्रंप ने दावा किया कि गूगल जैसी कंपनियां अमेरिका में नियामकीय मुश्किलों के चलते फिनलैंड में बड़े संयंत्र लगाने पर विचार कर रही हैं। उनके मुताबिक AI पर अत्यधिक नियंत्रण अमेरिका की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को प्रभावित कर सकता है।
‘AI और डाटा सेंटर सबसे बड़े आर्थिक इंजन होंगे’
ट्रंप ने AI और डाटा सेंटर को भविष्य की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा आधार बताया। उनका दावा है कि आने वाले समय में इनका बाजार तेल, सोना, हीरा और इंटरनेट जैसे बड़े क्षेत्रों से भी आगे निकल सकता है।
उन्होंने AI के खतरों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जाने पर भी सवाल उठाया। ट्रंप ने कहा कि जो लोग आज AI को दुनिया के लिए विनाशकारी बता रहे हैं, उनमें से कई वही लोग हैं जिन्होंने पहले पर्यावरण बदलाव के कारण दुनिया के खत्म होने की आशंका जताई थी। उन्होंने रोबोट के शहरों पर कब्जा करने जैसी आशंकाओं को भी निराधार बताया।
ऑल्टमैन से मुलाकात के बाद फिर चर्चा में AI सुरक्षा
AI को लेकर ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है, जब OpenAI के सैम ऑल्टमैन भी AI विकास और सुरक्षा के बीच संतुलन की जरूरत पर जोर दे चुके हैं। ऑल्टमैन का कहना है कि अमेरिकी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बावजूद सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक AI की क्षमताओं को निगरानी और नियंत्रण की व्यवस्था से आगे नहीं निकलने देना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, डलास में रिपब्लिकन मिड-टर्म कन्वेंशन के दौरान ट्रंप और सैम ऑल्टमैन की मुलाकात भी हुई थी।
Nvidia CEO जेन्सेन हुआंग भी कड़े डर के खिलाफ
AI के संभावित खतरों को लेकर एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग भी अत्यधिक भय फैलाने के खिलाफ राय रखते हैं। सोमवार को एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने हुआंग को फोन किया था। हुआंग ने फोन स्पीकर पर रखा और दोनों ने AI को लेकर बाजार में जरूरत से ज्यादा डर फैलाए जाने की बात पर सहमति जताई।
ट्रंप का मानना है कि AI पर बहुत ज्यादा प्रतिबंध लगाने से अमेरिका को नुकसान हो सकता है और इसका सीधा लाभ चीन को मिलेगा। ऐसे में उनका जोर AI के विकास को रोकने के बजाय अमेरिकी कंपनियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रखने पर है।
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