
नई दिल्ली । पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (Pakistan Cricket Board) के प्रमुख मोहसिन नकवी (Mohsin Naqvi) के लिए एशियन क्रिकेट काउंसिल यानी ACC में दूसरा कार्यकाल हासिल करना आसान नहीं माना जा रहा है। ACC चेयरमैन के तौर पर उनका मौजूदा कार्यकाल अप्रैल 2027 में समाप्त होना है। नियमों के तहत चेयरमैन के कार्यकाल (Chairman Tenure) को बढ़ाने का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसके लिए सदस्य बोर्डों (Member Boards) का समर्थन और सहमति जरूरी होती है। ऐसे में आने वाले महीनों में एशियाई क्रिकेट (Asian Cricket) के बदलते समीकरण इस बात में अहम भूमिका निभाएंगे कि नकवी को एक और मौका मिलता है या उनकी पारी यहीं खत्म हो जाती है।
ACC में चेयरमैन का पद दो साल के रोटेशन सिस्टम के तहत चलता है। इसी व्यवस्था के तहत मोहसिन नकवी ने 2025 में संगठन की कमान संभाली थी। उनका कार्यकाल अप्रैल 2027 तक है। इसके बाद नए चेयरमैन के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि मौजूदा चेयरमैन के कार्यकाल को आगे बढ़ाने का प्रावधान है, लेकिन इसके लिए सदस्य देशों का समर्थन सबसे महत्वपूर्ण होगा।
मौजूदा स्थिति में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI की ओर से मोहसिन नकवी को समर्थन मिलने की संभावना कम मानी जा रही है। इसके अलावा ACC के अन्य सदस्य बोर्डों के बीच भी उनके दूसरे कार्यकाल को लेकर खास उत्साह नजर नहीं आने की बात सामने आई है। हालांकि BCCI ने अभी तक नकवी के कार्यकाल या संभावित विस्तार को लेकर कोई आधिकारिक फैसला सार्वजनिक नहीं किया है।
ACC के इतिहास में चेयरमैन को विस्तार मिलने का उदाहरण भी मौजूद है। जय शाह ने जनवरी 2021 में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के तत्कालीन प्रमुख नजमुल हसन से ACC चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में सदस्य देशों की सहमति से उनका कार्यकाल 2024 तक बढ़ाया गया। इस तरह जय शाह करीब चार साल तक ACC चेयरमैन रहे और संगठन के सबसे लंबे समय तक इस पद पर रहने वाले पदाधिकारियों में शामिल हुए।
दिसंबर 2024 में जय शाह के बाद श्रीलंका के शम्मी सिल्वा ने कुछ समय के लिए ACC की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 2025 में यह पद मोहसिन नकवी के पास आया। अब अप्रैल 2027 में उनके कार्यकाल के समाप्त होने के साथ ही ACC के सामने नए चेयरमैन के चयन का सवाल खड़ा होगा।
मोहसिन नकवी का नाम हाल के दो सीनियर एशिया कप के ट्रॉफी विवादों से भी जुड़ा रहा है। 2025 में पाकिस्तान को हराकर भारत ने पुरुष एशिया कप का खिताब जीता था। इसके बाद भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की। खिलाड़ियों ने चैंपियन बैनर के साथ जीत का जश्न मनाया और ट्रॉफी के बिना ही समारोह पूरा किया।
2026 के महिला एशिया कप में भी भारतीय टीम ने इसी तरह का रुख अपनाया। मुकाबला समाप्त होने के बाद टीम ने मैदान पर काफी देर तक इंतजार किया और BCCI अधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम लौट गए और पुरस्कार समारोह उनकी मौजूदगी के बिना समाप्त हुआ। इन दोनों घटनाओं के बाद ACC चेयरमैन के तौर पर नकवी की भूमिका को लेकर बहस तेज हुई।
ऐसे माहौल में उनके दूसरे कार्यकाल के लिए BCCI का समर्थन मिलना मुश्किल माना जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला सदस्य देशों के रुख और आगामी बातचीत पर निर्भर करेगा। अप्रैल 2027 नजदीक आने के साथ यह स्पष्ट होगा कि मोहसिन नकवी ACC की कमान आगे भी संभालते हैं या संगठन नए चेयरमैन की ओर बढ़ता है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved