
डेस्क: एथलीटों के रहने के ठिकाने से लेकर उनके कपड़ों के साइज तक… सबकुछ को लेकर एशियन गेम्स 2026 का आयोजन करा रहा जापान पहले ही चर्चा में है. नगोया एशियन गेम्स में जितनी खिलाड़ियों के परफॉर्मेन्स की चर्चा नहीं हो रही, उससे ज्यादा वहां की बदइंतजामी पर सवाल उठ रहे हैं. उसी बदइंतजामी से जुड़ा अब एक ताजा मामला सामने आया है. खबर है कि शूटिंग टीम के कोच को ही बस से उतार दिया गया है. नगोया में ऐसी ही परेशानियों से तंग आकर एक भारतीय कोच ने कहा भी है कि यहां सबकुछ राम भरोसे है.
रिपोर्ट के मुताबिक एशियन गेम्स 2026 के पहले दिन भारतीय शूटिंग दल के कोच से बस से उतरने को कहा गया. इसके पीछे की वजह ये थी कि बस में पर्याप्त सीट नहीं थी. बस भर चुकी थी और सभी एथलीट चढ़ नहीं पाए थे. ऐसे में ऑथोरिटीज ने जितने कोच थे उनसे बस से उतरने को कहा ताकि खिलाड़ियों को वेन्यू तक पहुंचाया जा सके. अब सवाल है कि अगर एथलीट चले गए तो फिर उनके कोच का क्या? कोच अगर समय पर वेन्यू नहीं पहुंच पाए तो इसका जवाबदेह कौन होगा?
इससे ही मिलती-जुलती एक घटना पत्रकारों से जुड़ी भी सामने आई, जो जापान की लचर व्यवस्था की और भी पोल खोलती दिखी. आमतौर पर बड़े खेल आयोजनों के दौरान पत्रकारों के लिए भी पूरी व्यवस्था होती है, जिससे मेन मीडिया सेंटर या खेल के वेन्यू तक पहुंचने में उन्हें कोई दिक्कत ना हो. लेकिन नगोया में पत्रकारों के लिए ना कोई बस शेड्यूल, ना कोई साइनबोर्ड और ना ही कोई साफ जानकारी. ऐसे में एशियन गेम्स के पहले दिन पत्रकारों को भी नगोया में परेशानी का सामना करना पड़ा.
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