img-fluid

सुप्रीम कोर्ट टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न पर रोक के खिलाफ याचिका को जल्द लिस्ट करे – टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी

September 21, 2026


नई दिल्ली । टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी (TMC chief Mamata Banerjee) ने मांग की कि टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न पर रोक के खिलाफ याचिका (Plea against stay on TMC’s Name and Election Symbol) को सुप्रीम कोर्ट जल्द लिस्ट करे (Supreme Court should urgently List) ।


  • तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच चल रहे विवाद के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को जब्त करने के भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के फैसले को चुनौती देने वाली अपनी याचिका को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के सामने मामला रखते हुए ममता बनर्जी की ओर से पेश हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने याचिका को जल्द लिस्ट करने की मांग की। सिब्बल ने कहा कि ईसीआई उपचुनाव का नोटिफिकेशन जारी करते हैं और नोटिफिकेशन के बीच में ही सिंबल को फ्रीज कर देते हैं। हम चाहते हैं कि इसे जल्द लिस्ट किया जाए। इस पर सीजेआई ने कहा कि विरोधी पक्ष की भी अपनी बातें होंगी और भरोसा दिलाया कि मामले को लिस्ट करने पर विचार किया जाएगा।

    सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि दोनों पक्षों को कुछ न कुछ कहना होगा। जब मामला लिस्ट हो जाए, तब बहस कीजिएगा। हम इसे लिस्ट करने की कोशिश करेंगे। यह याचिका ममता बनर्जी ने ईसीआई के उस अंतरिम फैसले को चुनौती देते हुए दायर की है, जिसमें पार्टी के विरोधी गुटों के बीच विवाद के चलते ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नाम और उसके आरक्षित फूल और घास चुनाव चिह्न को फ्रीज कर दिया गया था।

    ईसीआई ने गुरुवार को एक अंतरिम आदेश जारी कर दोनों गुटों को टीएमसी के मौजूदा नाम और चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया था। आयोग ने पाया कि दो विरोधी गुट मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी होने का दावा कर रहे थे और इस विवाद के लिए ‘चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968’ के पैरा 15 के तहत ठोस फैसले की जरूरत थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने आगामी उपचुनावों के लिए दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चिह्न आवंटित किए। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नाम और फुटबॉल खिलाड़ी का चिह्न दिया गया, जबकि विरोधी गुट को डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस नाम और लिफाफा चिह्न दिया गया।

    ईसीआई की यह अंतरिम व्यवस्था पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों पर लागू होती है, जिसमें नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। ममता के नेतृत्व वाले गुट ने ईसीआई के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में विवाद पर अंतिम फैसला होने तक पार्टी के स्थापित नाम और चिह्न को फ्रीज करने पर सवाल उठाया गया है। ममता के नेतृत्व वाले गुट का कहना है कि वह ईसीआई के अंतरिम आदेश को नहीं मानता, जबकि निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले विरोधी गुट ने पार्टी के संगठनात्मक और विधायी ढांचे पर नियंत्रण का दावा किया है। यह विवाद संसद तक भी पहुंच गया था, जहां टीएमसी के 20 बागी लोकसभा सांसदों ने अलग होकर ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ का साथ दिया और एक अलग संसदीय समूह के तौर पर मान्यता की मांग की।

    ममता के नेतृत्व वाले गुट ने दल-बदल विरोधी कानून के तहत 20 बागी सांसदों की अयोग्यता से जुड़ी याचिकाओं पर फैसला लेने में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की देरी को चुनौती दी थी। 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की याचिका पर 20 बागी सांसदों को नोटिस जारी किया, लेकिन लोकसभा स्पीकर को नोटिस जारी नहीं किया। स्पीकर की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत को बताया कि अयोग्यता की कार्यवाही में 20 सांसदों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद शीर्ष अदालत ने बागी सांसदों से जवाब मांगा। टीएमसी का कहना है कि ये सांसद पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुने गए थे और बाद में किसी दूसरे राजनीतिक समूह में शामिल होने का उनका फैसला दलबदल विरोधी कानून के प्रावधानों के दायरे में आता है। हालांकि, बागी गुट ने टीएमसी के दो-तिहाई से ज्यादा लोकसभा सांसदों के समर्थन का दावा किया है और एक अलग संसदीय समूह के तौर पर मान्यता मांगी है।

    Share:

  • चंद्रपुर में एडवांस्ड रडार रिसर्च सेंटर का भूमि पूजन किया असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने

    Mon Sep 21 , 2026
    गुवाहाटी । असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma) ने चंद्रपुर में एडवांस्ड रडार रिसर्च सेंटर का (Advanced Radar Research Center in Chandrapur) भूमि पूजन किया (Performed Groundbreaking Ceremony) । उन्होंने इस प्रोजेक्ट को असम के एडवांस्ड टेक्नोलॉजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के हब के तौर पर उभरने की दिशा में एक अहम […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved