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चीन की सेना में फिर बड़ी कार्रवाई, दो शीर्ष जनरलों को पार्टी और PLA से निकाला; जिनपिंग के करीबी भी शामिल

September 22, 2026

बीजिंग। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में एक बार फिर बड़े स्तर पर कार्रवाई हुई है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) की अध्यक्षता में हुई पोलित ब्यूरो की बैठक में सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के दो पूर्व शीर्ष अधिकारियों को कम्युनिस्ट पार्टी और सेना, दोनों से निष्कासित करने के फैसले को मंजूरी दी गई। इनमें CMC के पूर्व उपाध्यक्ष झांग यूशिया और कमीशन के जॉइंट स्टाफ विभाग के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ लियू जेनली शामिल हैं।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों अधिकारियों पर कथित तौर पर पार्टी के प्रति बेवफाई, भ्रष्टाचार और गंभीर अनुशासनहीनता के आरोप लगाए गए हैं। झांग यूशिया की उम्र 75 वर्ष और लियू जेनली की उम्र 61 वर्ष है। दोनों के खिलाफ जनवरी में जांच शुरू किए जाने की घोषणा की गई थी। अगस्त के अंत में उन्हें राज्य के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन से हटा दिया गया था।

झांग को बताया जाता था जिनपिंग का करीबी सैन्य सहयोगी

झांग यूशिया को लंबे समय से शी जिनपिंग के सबसे करीबी सैन्य सहयोगियों में गिना जाता था। वह सात सदस्यीय सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के पहले उपाध्यक्ष रह चुके हैं और इस पद पर रहते हुए चीन की सेना के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल थे।

झांग और लियू दोनों को युद्ध का अनुभव रखने वाले अधिकारी माना जाता था। दोनों ने 1970 के दशक के अंत में वियतनाम के खिलाफ चीन के सैन्य अभियान में हिस्सा लिया था। बताया गया है कि कमीशन में युद्ध का प्रत्यक्ष अनुभव रखने वाले यही दो सदस्य थे।


  • राजनीतिक अनुशासन तोड़ने और गुटबाजी के आरोप

    चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने आधिकारिक दस्तावेजों के हवाले से बताया कि झांग और लियू ने राजनीतिक अनुशासन और राजनीतिक नियमों का गंभीर उल्लंघन किया। उन पर गुट और समूह बनाने तथा पार्टी के प्रति बेईमान और बेवफा रहने के आरोप लगाए गए हैं।

    दस्तावेजों में कहा गया कि दोनों अधिकारियों ने पार्टी की तय सीमाओं और बुनियादी नियमों का उल्लंघन किया। उन पर राजनीतिक और आर्थिक कदाचार से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं। इनमें भ्रष्ट तरीके से संपत्ति अर्जित करना, ड्यूटी में लापरवाही बरतना और अपने पद का दुरुपयोग करना शामिल है।

    चीनी नेतृत्व की ओर से पुराने सैन्य नेताओं पर पार्टी के प्रति पर्याप्त निष्ठा नहीं रखने, पार्टी के सिद्धांतों से भटकने और सख्त अनुशासन लागू करने में विफल रहने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। अधिकारियों पर अपने कर्मचारियों और परिवार के सदस्यों की निगरानी में लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया गया है।

    जांच के बाद बढ़ी कार्रवाई

    दोनों जनरलों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया कई महीनों से चल रही थी। जनवरी में उनके खिलाफ जांच की जानकारी सार्वजनिक की गई थी। अगस्त के अंत में उन्हें राज्य के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन से हटा दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, इसी अवधि में सैन्य भ्रष्टाचार जांचकर्ताओं ने झांग को हिरासत में लिया था।

    जिनपिंग के कार्यकाल में लगातार सैन्य कार्रवाई

    शी जिनपिंग के 2012 में सत्ता में आने के बाद से चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में भ्रष्टाचार और अनुशासन के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई जारी है। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिकारियों की जांच हुई है और पार्टी, सरकार तथा सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों को उनके पदों से हटाया गया है।

    झांग यूशिया और लियू जेनली को पार्टी और सेना से बाहर किए जाने के बाद सात सदस्यीय सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में अब केवल दो सक्रिय सदस्य बचे होने की बात कही जा रही है। इनमें स्वयं शी जिनपिंग शामिल हैं, जो कमीशन के अध्यक्ष हैं।

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