
इंदौर। हाईकोर्ट (High Court) ने मालवा मिल चौराहा (Malwa Mill Square) स्थित इंदिरा गांधी मार्केट (Indira Gandhi Market) की दुकानों को हटाने के नगर निगम (Municipal council) के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। जस्टिस संदीप एन. भट्ट की बेंच ने बलदेव अरोड़ा एवं अन्य द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए नगर निगम की कार्रवाई को वैध और तर्कसंगत माना है।
यह मामला मालवा मिल चौराहे पर यातायात को सुगम बनाने और सड़क चौड़ीकरण (लेफ्ट टर्न विकास) से जुड़ा है। नगर निगम ने मध्यप्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1956 की धारा 305 के तहत 13 दिसंबर 2021 को आदेश जारी कर दुकानदारों के कब्जों को हटाने का निर्देश दिया था। निगम ने कोर्ट में पक्ष रखा कि ये दुकानें मुख्य सड़क के ट्रैफिक में बाधा पैदा कर रही हैं और जनहित में इन्हें हटाना जरूरी है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता दुकानों पर अपना वैध मालिकाना या नवीकृत लीज अधिकार साबित करने वाले दस्तावेज पेश करने में विफल रहे। इसके अलावा वर्ष 2002-03 के बाद से पिछले लगभग 19 वर्षों से कोई लीज किराया भी जमा नहीं किया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत व्यावसायिक सुविधा को सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात सुगमता और नगर नियोजन से ऊपर नहीं रखा जा सकता। हाईकोर्ट ने नगर निगम के 13 दिसंबर 2021 के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका निरस्त कर दी। इसके साथ ही याचिकाकर्ताओं द्वारा सामान खाली करने के लिए मांगे गए 15 दिनों के अतिरिक्त समय के अनुरोध को भी खारिज कर दिया, जिससे नगर निगम के लिए कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। कोर्ट में नगर निगम की ओर से एडवोकेट श्रेयराज सक्सेना ने तर्क रखे।
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