
नई दिल्ली । लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi Leader of Opposition in Loksabha) ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar) इस्तीफा दें (Should Resign) ।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इन्कम्बेंसी) कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के खिलाफ तो काम करती है, लेकिन भाजपा के खिलाफ “गायब” हो जाती है। राहुल गांधी ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है।
राहुल गांधी ने कहा कि वह एक राजनीतिक परिवार से आते हैं और 50 वर्षों से भारतीय राजनीति को करीब से देख रहे हैं। उनके मुताबिक, भारत में एंटी-इन्कम्बेंसी एक स्वाभाविक राजनीतिक ताकत है, जो हर सरकार के खिलाफ समय के साथ उभरती है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश युद्ध के बाद भारी लोकप्रियता हासिल की थी, लेकिन कुछ ही समय में उनके खिलाफ भी सत्ता विरोधी माहौल बन गया। यही स्थिति कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ भी होती है, लेकिन भाजपा के मामले में ऐसा नहीं दिखता। उन्होंने कहा, “मैं पूरी निश्चितता के साथ कह सकता हूं कि 2024 के लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों में धांधली हुई। मेरे पास इसे साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। यह 99 प्रतिशत नहीं, बल्कि 100 प्रतिशत निश्चित है।”
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी। उन्होंने दावा किया कि अब चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्त भी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर आपत्ति जता रहे हैं और ज्ञानेश कुमार को मौजूदा अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा देना चाहिए ।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग का सबसे बड़ा दायित्व मतदाता के वोट की रक्षा करना है। अगर वोट सुरक्षित नहीं रहेगा तो संविधान सही ढंग से काम नहीं करेगा, कानूनों की वैधता पर सवाल उठेंगे और लोकतांत्रिक संस्थाओं का महत्व खत्म हो जाएगा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि “पहले वोट चोरी हुई, फिर कानून चोरी हुई और अब संस्थाओं की चोरी हो रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि जिन सांसदों का चुनाव कथित “वोट चोरी” के जरिए हुआ है, उनके द्वारा बनाए गए कानून भी अवैध हैं।।
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