img-fluid

308 पहियों वाले ‘बाहुबली’ ट्रेलर का क्यों बदलना पड़ा रूट? 200 टन का बॉयलर लेकर लखीमपुर पहुंचेगा विशाल वाहन

October 02, 2026

लखीमपुर। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) जिले के कुंभी में स्थापित हो रही चीनी मिल के प्लांट के लिए बेल्जियम (Belgium) से समुद्री रास्ते होते हुए भारत पहुंचा विशाल बॉयलर (Boiler) इन दिनों चर्चा में है। हालांकि, इस भारी-भरकम मशीन से ज्यादा लोगों का ध्यान इसे ले जा रहे 308 पहियों वाले ‘बाहुबली’ ट्रेलर पर है। सड़क पर इस विशाल वाहन को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है। लोग वीडियो बनाने और सेल्फी लेने के लिए रुक रहे हैं, जिससे ट्रेलर की रफ्तार प्रभावित हो रही है। भीड़ और रास्ते में आने वाली बाधाओं को देखते हुए इसके निर्धारित मार्ग में बदलाव करना पड़ा है।

करीब 200 टन वजनी बॉयलर को लेकर चल रहा यह ट्रेलर गुरुवार को हरहुआ से रिंग रोड फेज-1 होते हुए संदहा के पास पहुंचा। यहां स्वर्वेद महामंदिर के सामने बने फुट ओवरब्रिज के कारण वाहन का आगे बढ़ना मुश्किल हो गया। ट्रेलर को निकालने के लिए फुट ओवरब्रिज के हिस्से को काटकर हटाया गया। इसके बाद विशाल वाहन को उसके नीचे से गुजारा गया। ट्रेलर के गुजरने के दौरान पुलिस भी साथ चल रही है, जबकि संबंधित मार्गों पर सामान्य यातायात को जरूरत के अनुसार रोका जा रहा है।


  • स्वर्वेद मंदिर के पास फुट ओवरब्रिज बना बाधा

    हरहुआ से आगे बढ़कर उमरहां के पास पहुंचने पर 308 पहियों वाले ट्रेलर के सामने एक बार फिर रास्ते की समस्या आई। स्वर्वेद महामंदिर के सामने बना पैदल फुट ओवरब्रिज इसकी आवाजाही में बाधा बन गया। भारी वाहन को सुरक्षित निकालने के लिए पुल के हिस्से को काटने का काम शुरू किया गया।

    इस दौरान स्थानीय लोगों की भीड़ जुटी रही। कई लोग मोबाइल से वीडियो बनाते और तस्वीरें लेते दिखाई दिए। संभावना जताई गई कि ट्रेलर गुरुवार देर रात उमरहां पहुंचेगा। इसके बाद इसे गाजीपुर की ओर से आगे रवाना किया जाना था।

    हरहुआ, संदहा और उमरहां समेत कई स्थानों पर लोगों की भीड़ के कारण ट्रेलर को आगे बढ़ने में परेशानी हुई। विशाल वाहन की लंबाई और चौड़ाई के कारण रास्ते में आने वाले संकेतक बोर्ड और अन्य बाधाओं को भी हटाना पड़ा।

    डाफी टोल प्लाजा पर 693 रुपये का टोल

    लखीमपुर खीरी के लिए बॉयलर लेकर जा रहा मल्टी-एक्सल वैक्यूम ट्रेलर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे के बाद डाफी टोल प्लाजा से आगे बढ़ा। यहां वाहन का 693 रुपये टोल काटा गया। इसके बाद ट्रेलर विपरीत लेन से होते हुए रखौना की ओर गया और फिर रिंग रोड पर पहुंचा। गंजारी स्टेडियम के पास यह अपनी निर्धारित लेन में आ गया और देर शाम कोईराजपुर के पास पहुंचा।

    बॉयलर को डाफी से अखरी, लठिया, कन्नाडाड़ी, मोहनसराय और राजातालाब होते हुए आगे ले जाया गया। गुरुवार सुबह ट्रेलर संदहा की ओर से गाजीपुर मार्ग पर रवाना हुआ।

    मोहनसराय में भी हटाने पड़े संकेतक और पुल के हिस्से

    308 पहियों वाला यह ट्रेलर करीब 200 टन वजनी बॉयलर लेकर दोपहर लगभग 1:30 बजे मोहनसराय पहुंचा। यहां वाहन की ऊंचाई और आकार के कारण संकेतक बोर्ड रास्ते में बाधा बन रहे थे। इन्हें हटाया गया। मोहनसराय-गंगापुर मोड़ पर फुट ओवरब्रिज को भी पहले ही काटकर हटाने की व्यवस्था की गई थी।

    ट्रेलर के पहुंचने पर जेसीबी की मदद से संकेतक और फुट ओवरब्रिज के हिस्सों को ऊपर उठाया गया। वाहन के गुजरने के बाद संबंधित हिस्सों को फिर से व्यवस्थित किया गया। इसके बाद ट्रेलर रखौना होते हुए रिंग रोड फेज-2 की ओर बढ़ा। आवाजाही के दौरान संबंधित मार्गों पर सामान्य यातायात को रोककर भारी वाहन के लिए रास्ता बनाया गया।

    दलदली जमीन में भी फंस चुका है ट्रेलर

    बॉयलर लेकर जा रहे इस विशाल ट्रेलर को रास्ते में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बिहार से उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने के बाद भी इसे विभिन्न स्थानों पर रोकना पड़ा। कटसिला के पास हाईवे पर शाम होने के कारण वाहन को रोक दिया गया था। इसके बाद पचफेड़वा के पास रिंग रोड के पुल के कारण वैकल्पिक रास्ते की योजना बनाई गई, लेकिन तय योजना के अनुसार आगे बढ़ना संभव नहीं हो पाया।

    रविवार को ट्रेलर रेवसा के पास रिंग रोड की पूर्वी सर्विस लेन पर पहुंचा, लेकिन आगे जमीन दलदली होने के कारण इसे रोकना पड़ा। बाद में देर शाम वाहन रिंग रोड पार कर पश्चिमी लेन पर पहुंच गया। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेलर चंदौली में भी करीब दो दिन तक फंसा रहा। इसे आगे निकालने के लिए रास्ता तैयार करने का काम किया गया।

    ट्रैफिक पुलिस ने ट्रेलर को चंदौली की सीमा से निकालकर वाराणसी जिले में प्रवेश कराया। इसके बाद इसे निर्धारित मार्ग से आगे ले जाने की व्यवस्था की गई।

    देश के पहले बायोप्लास्टिक प्लांट के लिए आ रहा बॉयलर

    यह विशाल बॉयलर लखीमपुर खीरी जिले के कुंभी गांव में मैसर्स बलराम चीनी मिल लिमिटेड की ओर से निर्माणाधीन बायोप्लास्टिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए लाया जा रहा है। इस संयंत्र में पॉलीलैक्टिक एसिड (PLA) का उत्पादन किया जाना है। इसे देश के पहले बायोप्लास्टिक प्लांट के रूप में विकसित किया जा रहा है।

    उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बॉयलर की लंबाई 41 मीटर, चौड़ाई 6 मीटर और ऊंचाई 7 मीटर है। इसका वजन 164.28 मीट्रिक टन बताया गया है। इसे 308 पहियों वाले विशेष मल्टी-एक्सल ट्रेलर पर लादकर सड़क मार्ग से ले जाया जा रहा है।

    वाहन के विशाल आकार, भारी वजन और रास्ते में आने वाली संरचनात्मक बाधाओं के कारण इसके परिवहन में विशेष इंतजाम करने पड़ रहे हैं। पुलिस की निगरानी, यातायात नियंत्रण और रास्ते में आवश्यक बदलावों के बीच यह ‘बाहुबली’ ट्रेलर अपने गंतव्य तक पहुंचने की ओर बढ़ रहा है।

    Share:

  • पश्चिम बंगाल में OBC प्रमाणपत्रों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, एक साल के बीच जारी सर्टिफिकेट की वैधता पर होगा फैसला

    Fri Oct 2 , 2026
    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के प्रमाणपत्रों की वैधता को लेकर कानूनी विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें राज्य सरकार की ओर से 8 मई 2025 से 18 मई 2025 के बीच […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved