
नई दिल्ली । विराट कोहली (Virat Kohli) के प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) के आश्रम (Ashram) आने को लेकर पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाने का दावा करने वाले दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी महाराज (Dinesh Sharma) ने अपने बयान पर माफी (Apology) मांग ली है। उन्होंने प्रेमानंद महाराज को पूजनीय बताते हुए कहा कि यदि उनकी किसी बात से महाराज का मन दुखी हुआ है, तो वह इसके लिए क्षमा चाहते हैं। उन्होंने महाराज के अनुयायियों (Followers) और सनातन धर्म के अनुयायियों से भी अपने बयान के लिए खेद जताया है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि संत समाज की हालिया बैठक में संतों ने माना कि उनसे गलती हुई है। इसके बाद उन्होंने सभी संतों और सनातन धर्म के अनुयायियों से माफी मांगते हुए कहा कि उन्होंने प्रेमानंद महाराज के बारे में पहले भी कभी गलत नहीं कहा और आज भी उनके प्रति सम्मान रखते हैं।
फलाहारी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि विराट कोहली को लेकर उनके बयान के कारण जो द्वेष की स्थिति बनी, उसके लिए वह खेद प्रकट करते हैं। उन्होंने प्रेमानंद महाराज के चरणों में क्षमा याचना करते हुए कहा कि उनकी वजह से महाराज का दिल दुखा है तो उन्हें माफ कर दिया जाए। उन्होंने महाराज के साधकों और अनुयायियों से भी माफी मांगी और स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी संत को दुख पहुंचाना नहीं था।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ था, जब दिनेश शर्मा ने दावा किया था कि विराट कोहली को वर्ष 2023 में पहली बार प्रेमानंद महाराज के वृंदावन स्थित आश्रम में लाने के लिए पांच करोड़ रुपये दिए गए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि आश्रम में असली और नकली संतों के अलग-अलग समूह हैं। उनके दावे के अनुसार, एक समूह संपत्ति और जमीन से जुड़े कामों में लगा हुआ है और उसने करीब 15 आश्रमों पर कब्जा कर रखा है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि प्रेमानंद महाराज इन परिस्थितियों से दुखी होकर केलि कुंज आश्रम छोड़कर बेलवन चले गए थे।
हालांकि, विराट कोहली के प्रवक्ता ने पांच करोड़ रुपये मिलने के दावे को पूरी तरह गलत, निराधार और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया था। प्रवक्ता ने कहा था कि कोहली प्रेमानंद महाराज के पास गहरी आस्था और श्रद्धा के कारण जाते हैं। कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा कई बार वृंदावन स्थित आश्रम जा चुके हैं। इस बयान के बाद कोहली को लेकर किए गए दावे पर विवाद और बढ़ गया था।
इस मामले में मथुरा-वृंदावन के संत समाज की बैठक भी हुई थी। बैठक में दिनेश शर्मा से उनके बयान के लिए माफी मांगने की मांग की गई थी। कुछ संतों ने उनके सामाजिक बहिष्कार की बात भी कही थी। इसके बाद फलाहारी महाराज ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए अपने बयान पर खेद जताया।
इसी बीच प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला भी चर्चा में बना हुआ है। 25 सितंबर 2026 को आश्रम से जुड़े परिसर में हुई इस घटना की जांच मथुरा पुलिस कर रही है। घटना के बाद आश्रम और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर सवाल उठे थे। फलाहारी महाराज की माफी ऐसे समय आई है, जब आश्रम से जुड़े विवाद और शिष्य की मौत की जांच दोनों चर्चा में हैं।
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