
स्टॉकहोम । अमेरिकी अर्थशास्त्रियों रॉबर्ट ई हॉल और माइकल वुडफोर्ड (American Economists Robert E. Hall and Michael Woodford) को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिया गया (Nobel Prize of Economics were Awarded) ।
रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने सोमवार को इसकी घोषणा की। रॉबर्ट ई हॉल स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और माइकल वुडफोर्ड कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। दोनों को यह पुरस्कार इंफ्लेशन यानी मंदी और इकोनॉमिक बूम यानी तेजी के बीच अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने से जुड़ी नीतियों के लिए सूक्ष्म आर्थिक आधार का विकास करने के लिए दिया गया। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ने नामों का ऐलान करते हुए कहा कि दोनों ने दिखाया कि कैसे आर्थिक मॉडलों का पुनर्निर्माण करके स्थिरीकरण नीति (स्टेबलाइजेशन पॉलिसी) को फिर से सक्रिय किया जा सकता है।
महंगाई, उत्पादन और खपत जैसे मैक्रोइकॉनॉमिक वेरिएबल्स (मसलन मंदी, जीडीपी, बेरोजगारी दर जैसे अर्थव्यवस्था के संकेतक) के बीच सांख्यिकीय संबंधों पर मॉडल आधारित करने के बजाय, उन्होंने उन्हें माइक्रो-इकॉनॉमिक फाउंडेशन बनाने का विकल्प चुना। उनकी रिसर्च से यह समझने में मदद मिली कि सरकारें और केंद्रीय बैंक सही समय पर आर्थिक फैसले लेकर मंदी के असर को कैसे कम कर सकते हैं। दोनों को कुल 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर (करीब 11 करोड़ रुपए) की पुरस्कार राशि बराबर-बराबर मिलेगी। इसमें इस बात की समझ शामिल है कि कैसे व्यक्तिगत परिवारों और व्यवसायों का समग्र समूह अपने कार्यों के माध्यम से अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है।
बता दें, अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की मूल वसीयत में शामिल नहीं था। स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने 1968 में इसकी शुरुआत की थी। इसका आधिकारिक नाम ‘अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में आर्थिक विज्ञान में स्वेरिग्स रिक्सबैंक पुरस्कार’ है। 1969 में नॉर्वे के राग्नार फ्रिस्क और नीदरलैंड के जान टिनबर्गेन को गतिशील आर्थिक मॉडलिंग में काम के लिए यह पुरस्कार दिया गया था। नोबेल प्राइज देने वाली संस्था की आधिकारिक साइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, नोबेल पुरस्कार स्वीडिश वैज्ञानिक और डायनामाइट के आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में दिए जाते हैं। केवल विश्व युद्ध के कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाए, तो ये पुरस्कार 1901 से लगातार दिए जा रहे हैं।
वहीं, पिछले साल का इकोनॉमिक्स का नोबेल जोएल मोकिर, फिलिप अघियन और पीटर हॉविट को दिया गया था। इनमें से दो अमेरिकी और एक ब्रिटिश प्रोफेसर थे। इन्हें इनोवेशन से होने वाले आर्थिक विकास पर रिसर्च के लिए पुरस्कृत किया गया। यह पुरस्कार ऐसे शोध को सम्मान देता है, जिसने अर्थव्यवस्था को समझने या उससे जुड़े फैसले लेने के तरीकों में अहम योगदान दिया हो। विजेता चुनते समय यह भी देखा जाता है कि किसी शोध का लंबे समय में कितना असर पड़ा है। चिकित्सा, भौतिकी, रसायन विज्ञान, शांति और साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कारों की घोषणा पिछले सप्ताह की जा चुकी थी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved