
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन के अन्य नेताओं के सुप्रीम कोर्ट परिसर पहुंचने के दौरान हुई नारेबाजी और कथित हंगामे मामले में आज सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को इस मामले में फटकार लगाई। साथ ही नोटिस भी जारी किया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट मार्च का जिक्र करते हुए कहा, “न्यायपालिका को कोई धमका नहीं सकता।”
सुप्रीम कोर्ट ने आज राहुल गांधी और अन्य इंडिया ब्लॉक नेताओं द्वारा दायर उन याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें SIR से संबंधित निर्णयों को लेकर भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के कामकाज पर सवाल उठाए गए थे।
सुप्रीम कोर्ट में हुए विरोध प्रदर्शन का मुद्दा सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और सीनियर वकील गौरव भाटिया द्वारा उठाए जाने के बाद कोर्ट ने संक्षिप्त टिप्पणी की। सीनियर वकील गौरव भाटिया ने कहा कि कोर्ट परिसर में जो हुआ, उससे वकील आहत हैं और 200 वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट को धमकाने की कोशिश की गई। इस पर CJI ने दो टूक कहा कि कोर्ट को कोई धमका नहीं सकता। उन्होंने कहा कि लोग बाहर कुछ भी बोलते हैं, लेकिन अदालत में आकर उनकी भाषा बदल जाती है।
भाटिया के इस दावे पर कि विपक्ष का विरोध प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट मार्च अदालत पर दबाव बनाने का प्रयास था। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने इन प्रयासों को कमजोर बताया। सीजेआई ने कहा, “ये कमजोर प्रयास हैं जिन पर कोई ध्यान नहीं देता। बाहर वे बयान देते हैं। हम कोई अलग-थलग जगह पर नहीं बैठे हैं, हमें भी चीजों की जानकारी है।” सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान अदालत परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए।
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