नई दिल्ली। अमेरिका (US) में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव (Midterm election) से पहले भारतीय मूल के दो डेमोक्रेटिक (Two Democrats) उम्मीदवारों के चुनावी मुकाबले में भारी रकम खर्च की जा रही है। एरिजोना से डॉ. अमीश शाह और फ्लोरिडा से पिया डंडिया के चुनावी क्षेत्रों में सक्रिय चार प्रमुख सुपर पीएसी अब तक कुल कम से कम 23.89 मिलियन डॉलर खर्च करने की रिपोर्ट दे चुके हैं। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 226.82 करोड़ रुपये बैठती है।
ये आंकड़े संबंधित समितियों की ओर से संघीय चुनाव आयोग (एफईसी) को सौंपी गई 24 घंटे की स्वतंत्र व्यय रिपोर्टों पर आधारित हैं। ये रिपोर्ट 21 और 22 अक्टूबर को दाखिल की गई थीं और इनमें 19 से 21 अक्टूबर के बीच हुए खर्च का ब्योरा दिया गया है। ये समितियों की ओर से स्वयं घोषित आंकड़े हैं, जिनमें बाद में संशोधन हो सकता है।
डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के समर्थन में काम करने वाली प्रमुख सुपर पीएसी हाउस मेजॉरिटी पीएसी ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल जिले में पिया डंडिया के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी केसी अस्कार के खिलाफ 7.8 मिलियन डॉलर यानी करीब 74.06 करोड़ रुपये खर्च करने की जानकारी दी है।
इसी संगठन ने एरिजोना के पहले कांग्रेसनल जिले में अमीश शाह के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जे. फीली के खिलाफ करीब 41.78 करोड़ रुपये खर्च करने की जानकारी दी है। इस क्षेत्र में 20 अक्टूबर को टेलीविजन विज्ञापनों पर 1.5 मिलियन डॉलर यानी करीब 14.24 करोड़ रुपये और डिजिटल विज्ञापनों पर लगभग 2.35 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
हाउस मेजॉरिटी पीएसी ने पिया डंडिया के समर्थन में डिजिटल विज्ञापनों पर भी करीब 21.36 लाख रुपये खर्च किए हैं। दोनों चुनाव क्षेत्रों में संगठन का कुल खर्च करीब 116.31 करोड़ रुपये बताया गया है।
रिपब्लिकन पक्ष में एमएजीए इंक. से जुड़े दो सुपर पीएसी ने अमीश शाह और पिया डंडिया के खिलाफ मिलाकर करीब 110.42 करोड़ रुपये खर्च करने की जानकारी दी है।
इसके अलावा सेफ्टी एंड अफोर्डेबिलिटी पीएसी ने शाह के विरोध में करीब 54.12 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। वहीं, नो गोइंग बैक पीएसी ने डंडिया के खिलाफ लगभग 56.97 करोड़ रुपये खर्च करने की रिपोर्ट दी है। ये आंकड़े 22 अक्टूबर को दाखिल की गई 24 घंटे की व्यय रिपोर्टों में शामिल हैं।
इन खर्चों से संकेत मिलता है कि दोनों चुनाव क्षेत्रों में उम्मीदवारों के समर्थन और विरोध में काम करने वाले बाहरी राजनीतिक संगठन विज्ञापन तथा प्रचार अभियानों पर बड़ी रकम लगा रहे हैं।
चुनावी मुकाबले में छोटे राजनीतिक समूह भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। लीग ऑफ कंजर्वेशन वोटर्स विक्ट्री फंड ने 20 अक्टूबर को जे. फीली के खिलाफ करीब 4.24 करोड़ रुपये के विज्ञापन खरीदने की जानकारी दी। इसके साथ ही फीली के विरोध में इस संगठन का कुल खर्च लगभग 4.58 करोड़ रुपये हो गया।
दूसरी ओर, रिपब्लिकन समूह अमेरिकन मेजॉरिटी एक्शन पीएसी ने 22 अक्टूबर को जे. फीली के समर्थन में घर-घर जाकर प्रचार और फोन बैंकिंग गतिविधियों की जानकारी दी। इससे उनके समर्थन में संगठन का कुल खर्च करीब 9.49 करोड़ रुपये बताया गया।
फ्लोरिडा में स्ट्रॉन्गर अमेरिका टुगेदर ने पिया डंडिया के खिलाफ सीधे डाक के जरिए प्रचार सामग्री भेजने पर करीब 28 लाख रुपये खर्च किए। 23 अक्टूबर को दाखिल रिपोर्ट के अनुसार, डंडिया के विरोध में संगठन का कुल खर्च लगभग 1.47 करोड़ रुपये हो गया।
वहीं, एशियाई अमेरिकी समुदाय पर केंद्रित एएनएचपीआई राइजिंग टाइड ने 19 अक्टूबर को जे. फीली के खिलाफ डिजिटल विज्ञापनों पर करीब 4.29 लाख रुपये खर्च करने की जानकारी दी।
डॉ. अमीश शाह पेशे से चिकित्सक और एरिजोना के पूर्व विधायक हैं। वह एरिजोना के पहले कांग्रेसनल जिले से चुनाव लड़ रहे हैं। इस क्षेत्र में स्कॉट्सडेल और उत्तरपूर्वी फीनिक्स के कुछ हिस्से शामिल हैं।
उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जे. फीली पूर्व अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी हैं और एरिजोना कार्डिनल्स के लिए किकर रह चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फीली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुराने मित्र और उनके गोल्फ पार्टनर भी रहे हैं।
पॉलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, एरिजोना में फीली के समर्थन में रिपब्लिकन समूहों का कुल खर्च 208.88 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। इसका बड़ा हिस्सा चुनाव अभियान के अंतिम हफ्तों में खर्च किया गया। हालांकि, संघीय चुनाव आयोग के आंकड़े इस चुनाव क्षेत्र में हुए सभी खर्चों को पूरी तरह नहीं दर्शाते।
पिया डंडिया फ्लोरिडा के पुनर्गठित कांग्रेसनल जिले से चुनाव लड़ रही हैं। नेपल्स प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नए परिसीमन वाले इस क्षेत्र में रिपब्लिकन मतदाताओं को करीब 38,500 पंजीकृत मतदाताओं की बढ़त हासिल है।
ऐसे में डंडिया के लिए चुनावी मुकाबला चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। उनके समर्थन और विरोध में सक्रिय राजनीतिक संगठनों की ओर से बड़े पैमाने पर विज्ञापन और प्रचार गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
अमेरिका में सुपर पीएसी स्वतंत्र राजनीतिक संगठन होते हैं, जो उम्मीदवारों के समर्थन या विरोध में असीमित धन जुटाकर स्वतंत्र रूप से चुनावी विज्ञापन और प्रचार पर खर्च कर सकते हैं। हालांकि, वे उम्मीदवारों के चुनाव अभियान के साथ सीधे समन्वय करके खर्च नहीं कर सकते।
दोनों चुनाव क्षेत्रों में सामने आए खर्च के आंकड़े बताते हैं कि मध्यावधि चुनाव से पहले राजनीतिक संगठनों के बीच आर्थिक संसाधनों को लेकर मुकाबला तेज हो गया है।
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