
नई दिल्ली। बादाम (Almond) को पोषक तत्वों से भरपूर ड्राई फ्रूट माना जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन (Protein, fiber, vitamins) और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं। दुनिया के कई देशों में इसका इस्तेमाल रोजमर्रा के खानपान से लेकर मिठाइयों और बेकरी उत्पादों तक में किया जाता है। भारत में भी बादाम दूध, खीर, हलवा और विभिन्न पारंपरिक मिठाइयों का अहम हिस्सा है। हालांकि, दुनिया में बादाम की कुल खपत के मामले में भारत पहले स्थान पर नहीं, बल्कि तीसरे नंबर पर है।
वर्ष 2024 के खपत संबंधी आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका दुनिया में बादाम का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। वहां करीब 15 लाख मीट्रिक टन बादाम की खपत दर्ज की गई, जो वैश्विक मांग का लगभग 42 प्रतिशत बताई गई है। इस सूची में स्पेन दूसरे और भारत तीसरे स्थान पर है।
अमेरिका में बादाम की मांग घरेलू उपभोग के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से भी जुड़ी है। बादाम का इस्तेमाल स्नैक्स, चॉकलेट, बिस्कुट, बेकरी उत्पादों और कई तरह के पैकेज्ड फूड में किया जाता है। इसके अलावा, बादाम से तैयार होने वाले पेय पदार्थ भी बाजार में उपलब्ध हैं।
खाद्य उत्पादों में व्यापक इस्तेमाल के कारण अमेरिका में बादाम की कुल मांग काफी अधिक रहती है। हालांकि, कुल खपत में शीर्ष स्थान पर होने का अर्थ यह नहीं है कि वहां प्रत्येक व्यक्ति दूसरे देशों के लोगों की तुलना में अधिक बादाम खाता है।
भारत में बादाम का इस्तेमाल पारंपरिक खानपान और मिठाइयों में लंबे समय से होता रहा है। त्योहारों, शादी-विवाह और अन्य खास अवसरों पर तैयार होने वाले पकवानों में भी बादाम का इस्तेमाल किया जाता है।
इसके अलावा, लोग बादाम को सीधे खाने के साथ दूध, ओट्स और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलाकर भी खाते हैं। खाद्य उद्योग में इसके बढ़ते उपयोग से भी मांग को समर्थन मिलता है।
फिर भी, किसी देश की कुल खपत का निर्धारण केवल उसकी आबादी या लोगों की पसंद से नहीं होता। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, आयात, उपलब्धता और बादाम के विभिन्न उत्पादों में इस्तेमाल का भी इसमें योगदान होता है।
बादाम में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन ई, मैग्नीशियम और असंतृप्त वसा जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इसका सेवन पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है।
इसे कच्चा या भूनकर खाने के अलावा ओट्स, सीरियल, मिठाइयों, चॉकलेट और बेकरी उत्पादों में भी शामिल किया जाता है। बादाम से तैयार पेय पदार्थ भी इसके इस्तेमाल के विकल्पों में शामिल हैं।
किसी देश में बादाम की कुल खपत अधिक होने का मतलब यह नहीं है कि वहां हर व्यक्ति सबसे ज्यादा बादाम खाता है। कुल खपत में आबादी के आकार और खाद्य उद्योग की मांग का बड़ा योगदान हो सकता है।
इसके विपरीत, प्रति व्यक्ति खपत का आकलन करने के लिए किसी देश में कुल खपत को उसकी आबादी के आधार पर देखा जाता है। इस लिहाज से देशों की रैंकिंग अलग हो सकती है।
इसलिए अमेरिका का पहले, स्पेन का दूसरे और भारत का तीसरे स्थान पर होना कुल खपत के आंकड़ों से संबंधित है। इन आंकड़ों को प्रति व्यक्ति बादाम खाने की मात्रा के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।
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