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सरपंच चुनाव को लेकर हनुमान बेनीवाल का परिवार चर्चा में, छोटी भाभी ने बड़ी भाभी को हराया

October 25, 2026

नागौर। राजस्थान (Rajasthan) के पंचायती राज चुनाव (Panchayati Raj Elections) में नागौर जिले (Nagaur District) का बरण गांव सरपंच पद (Sarpanch) के नतीजे को लेकर चर्चा में है। यहां राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल (MP Hanuman Beniwal) के परिवार से जुड़ी दो महिला प्रत्याशियों के बीच मुकाबले में छोटी भाभी राजबाला ने बड़ी जीत दर्ज की, जबकि बड़ी भाभी मीरा को महज 21 वोट मिले। राजबाला, प्रेमसुख बेनीवाल की पत्नी हैं, जबकि मीरा स्वर्गीय रामप्रसाद बेनीवाल की पत्नी हैं। चुनाव में हनुमान बेनीवाल के मतदान नहीं करने की बात भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

राजबाला को 982 वोट, मीरा को मिले सिर्फ 21
बरण गांव में सरपंच पद के लिए छह महिला प्रत्याशी मैदान में थीं। इनमें सांसद हनुमान बेनीवाल के परिवार से जुड़ी राजबाला और मीरा के मुकाबले पर लोगों की खास नजर थी। घोषित नतीजों के मुताबिक, राजबाला ने 982 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि मीरा को केवल 21 वोट मिले।

दोनों प्रत्याशियों के बीच वोटों का बड़ा अंतर रहा। राजबाला की जीत के बाद परिवार में छोटी भाभी की चुनावी सफलता चर्चा में आ गई, वहीं मीरा को मिले कम वोट भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए।

राजनीतिक विरासत के बावजूद मीरा को क्यों मिले इतने कम वोट?
इस चुनाव का सबसे चर्चित पहलू मीरा को मिले महज 21 वोट रहे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके पति स्वर्गीय रामप्रसाद बेनीवाल लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे थे। इसके बावजूद सरपंच चुनाव में उन्हें बहुत कम समर्थन मिला।

दूसरी ओर, राजबाला को 982 वोट मिले। दोनों के बीच यह अंतर गांव की स्थानीय राजनीति और मतदाताओं के फैसले को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, केवल चुनाव परिणाम के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि मीरा को इतने कम वोट क्यों मिले।


  • हनुमान बेनीवाल ने क्यों नहीं किया मतदान?
    सरपंच चुनाव में सांसद हनुमान बेनीवाल के मतदान नहीं करने को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि वह परिवार के सदस्यों के चुनाव लड़ने से नाराज थे और पारिवारिक राजनीति से दूरी बनाए रखना चाहते थे। यह भी चर्चा है कि उनकी इच्छा थी कि परिवार के बजाय गांव के अन्य लोग चुनाव मैदान में उतरें।

    हालांकि, बेनीवाल के मतदान नहीं करने के पीछे बताई जा रही नाराजगी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में उनका आधिकारिक बयान सामने आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    बरण गांव के नतीजे पर टिकी राजनीतिक नजरें
    बरण गांव का सरपंच चुनाव अब जीत-हार से आगे बढ़कर परिवार की राजनीतिक भूमिका और स्थानीय मतदाताओं के फैसले को लेकर चर्चा में है। एक ओर राजबाला ने 982 वोट हासिल कर सरपंच पद पर जीत दर्ज की, तो दूसरी ओर मीरा को केवल 21 वोट मिलने से मुकाबले का नतीजा खासा चर्चित हो गया।

    राजस्थान में शनिवार को पहले चरण के तहत सरपंच पद के चुनाव हुए थे। मतदान के बाद शाम को मतगणना की गई और नतीजे घोषित कर दिए गए। बरण गांव में बेनीवाल परिवार से जुड़ी दोनों प्रत्याशियों के अलग-अलग परिणाम और सांसद का मतदान से दूर रहना इस चुनाव के प्रमुख चर्चा के बिंदु बने हुए हैं।

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