
- कांग्रेस ने उठाए सवाल-वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान का शंखनाद-1 नवंबर को दिल्ली में रैली, गांव गांव चौपाल लगाकर चुनाव आयोग को घेरेगी पार्टी
उज्जैन। चुनाव में वोट किसका बढ़ा और किसका नाम मतदाता सूची से कटा, इन सवालों को लेकर कांग्रेस ने वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची में कथित गड़बडिय़ों की जांच और हटाए गए नामों को बहाल करने की मांग की है।
कांग्रेस अब इस मुद्दे को गांवों से लेकर दिल्ली तक उठाने की तैयारी में है। रविवार को शहर जिला कांग्रेस कार्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाराष्ट्र के विधायक एवं पर्यवेक्षक अमीन पटेल ने 2024 के लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच मतदाताओं की संख्या में हुई बढ़ोतरी पर सवाल उठाए। राहुल गांधी के हवाले से उन्होंने कहा कि इस अवधि में 39 लाख मतदाता जुड़े, जबकि पिछले पांच वर्षों में 32 लाख मतदाता जुड़े थे। कांग्रेस ने पूछा कि इतनी बड़ी संख्या में मतदाता जुडऩे का आधार क्या था और इनका पूरा विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है। कांग्रेस इस मुद्दे को केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित रखने के बजाय जन-आंदोलन का रूप देने की तैयारी में है। ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताहÓ के तहत 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक गांवों में चौपाल लगाई जाएंगी। यहां मतदाता सूची में नाम जुडऩे और कटने से जुड़े सवाल उठाए जाएंगे। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन के सहयोगियों के साथ राष्ट्रीय रैली होगी। इसके बाद दिल्ली चलो कार्यक्रम के तहत अलग-अलग राज्यों से यात्राएं निकालकर 25 और 26 नवंबर को दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया गया है। कांग्रेस की कोशिश है कि मतदाता सूची से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बनाया जाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश परमार, तराना विधायक दिनेश जैन बॉस, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी और नेता प्रतिपक्ष डॉ. रवि राय मौजूद रहे। नेताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची की विसंगतियों का जवाब सार्वजनिक करने की मांग की।
नाम हटाने पर भी जवाब मांगा
कांग्रेस ने मतदाता सूची से हटाए गए 13.3 करोड़ नामों को बहाल करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित गड़बडिय़ों की स्वतंत्र व समयबद्ध जांच की मांग की। पार्टी नेताओं का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। कांग्रेस ने इसे किसी एक राज्य का मामला मानने के बजाय देशभर के मतदाताओं से जुड़ा मुद्दा बताया।