
नई दिल्ली । पंजाब (Punjab) के अमृतसर (Amritsar) जिले के चीते कलां गांव (Chite Kalan Village) में सोमवार रात हुई गोलीबारी (Firing) में आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़ी महिला सरपंच के बेटे तीरथ सिंह (Tirath Singh) की मौत हो गई। इस घटना में उनके साथ मौजूद दोस्त रंजीत सिंह भी घायल हो गए। वारदात के बाद गांव और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।
यह घटना अमृतसर के चाटीविंड थाना क्षेत्र में हुई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, तीरथ सिंह अपने एक दोस्त के साथ गुरुद्वारे में मत्था टेकने पहुंचे थे। धार्मिक स्थल पर माथा टेकने के बाद जब दोनों बाहर निकले, तभी कुछ अज्ञात युवकों ने उन पर अचानक ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। फायरिंग के कारण मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए।
गोली लगने से तीरथ सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस गोलीबारी में उनके दोस्त रंजीत सिंह को भी चोटें आईं। घायल रंजीत सिंह का उपचार कराया जा रहा है। घटना के बाद मृतक के परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
तीरथ सिंह का परिवार स्थानीय राजनीति से जुड़ा हुआ है। उनकी मां गांव की सरपंच हैं, जबकि उनके भाई ब्लॉक समिति के सदस्य बताए गए हैं। इसी वजह से घटना ने स्थानीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है। हालांकि, गोलीबारी के पीछे की वजह और हमलावरों के साथ तीरथ सिंह के संबंधों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
सरपंच की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पुलिस ने चार लोगों की पहचान की है। इनमें गुरजंट, गोरा, हरकीरत उर्फ हॉकी और गुरदित्त सिंह के नाम शामिल हैं। पुलिस इन लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
अमृतसर देहात के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कवलप्रीत सिंह चहल के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह मामला गैंगवार का नहीं, बल्कि आपसी रंजिश से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। हालांकि, गोलीबारी की वास्तविक वजह और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
इस घटना के बीच पंजाब के अलग-अलग जिलों में हाल के दिनों में गोलीबारी की कई वारदातें सामने आने की जानकारी भी दी गई है। 18 सितंबर से 26 अक्टूबर के बीच मोगा, अमृतसर, लुधियाना, तरनतारन और मानसा सहित विभिन्न इलाकों में गोली चलने की 11 घटनाएं दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। इन घटनाओं में आम नागरिकों के अलावा पुलिसकर्मी और नशे के खिलाफ अभियान से जुड़े कार्यकर्ता भी निशाना बने हैं।
कुछ मामलों में हमलावर बाइक या एसयूवी से पहुंचे, जबकि अन्य घटनाओं में विवाद के बाद गोलीबारी होने की बात सामने आई। हालांकि, इन सभी वारदातों के पीछे एक ही वजह होने की पुष्टि नहीं हुई है। चीते कलां की घटना में पुलिस का मुख्य ध्यान आरोपियों की गिरफ्तारी, आपसी रंजिश की वजह और गोलीबारी से जुड़े पूरे घटनाक्रम का पता लगाने पर है।
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