
भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक (Cabinet meeting) में विकास योजनाओं, प्रशासनिक व्यवस्था और किसान कल्याण से जुड़े कई फैसले लिए गए। कैंपा फंड के तहत 2050 करोड़ रुपये के प्लान और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) के लिए 345 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इसके अलावा चार नए जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय खोलने और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की चार योजनाओं को जारी रखने का फैसला लिया गया। बैठक में नगरीय निकायों की खरीदी में अनियमितताओं पर कार्रवाई, कम बारिश से प्रभावित किसानों की मदद और दिसंबर में मंत्रियों के चिंतन शिविर की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
कैंपा और विकास योजनाओं के लिए हजारों करोड़ मंजूर
कैबिनेट ने कैंपा फंड के तहत 2050 करोड़ रुपये के प्लान को स्वीकृति दी। वहीं, ईओडब्ल्यू के कामकाज के लिए 345 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की वर्ष 2019-20 से चल रही चार योजनाओं को आगे जारी रखने के लिए 3378 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। ये योजनाएं छिंदवाड़ा, मुरैना, सिवनी और सागर जिलों से संबंधित हैं। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग की सात योजनाओं को जारी रखने के लिए भी 351 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
चार नए जिलों में खुलेंगे डीईओ कार्यालय
प्रदेश के नवगठित जिलों निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय खोलने की मंजूरी दी गई। इन कार्यालयों के लिए जरूरी पद भी स्वीकृत किए गए हैं। इससे संबंधित जिलों में शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कामकाज को स्थानीय स्तर पर संचालित करने में मदद मिलेगी।
नगरीय निकायों में 392 लोगों पर कार्रवाई
बैठक में नगरीय निकायों में सामान की खरीदी से जुड़ी अनियमितताओं पर की गई कार्रवाई की जानकारी दी गई। एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप के अनुसार, अब तक 201 मामलों में 392 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। गड़बड़ियों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और दूसरी तकनीकों की मदद ली गई। यह कार्रवाई पिछले छह महीनों में की गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सख्ती से कार्रवाई करने और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved